High Court : आत्महत्या करने वाले कर्मचारी के आश्रित को क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं, याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी ने आत्महत्या की हो तो उसे सेवा के दौरान दुर्घटना मानकर कर्मचारी क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं दिया जा सकता। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति अनिल कुमार-दशम की एकल पीठ ने कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त के आदेश को बरकरार रखते हुए बिजनौर निवासी महिला की याचिका खारिज कर दी। संजीव कुमार बिजनौर स्थित गंगा शुगर वर्क्स में गार्ड थे। सात जनवरी 2008 की रात गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। पत्नी और दो बच्चों ने दावा किया कि ड्यूटी पर रहने के दौरान अज्ञात व्यक्ति के गोली मारने से उनकी मौत हुई। ऐसे में 4,27,040 रुपये मुआवजा दिया जाए। कंपनी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि संजीव की ड्यूटी रात में नहीं थी। उन्होंने स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या की थी। बिजनौर के कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त एवं सहायक श्रम आयुक्त ने साक्ष्यों के आधार पर आत्महत्या का निष्कर्ष निकालते हुए मुआवजे का दावा खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष गार्ड की पत्नी ने स्वीकार किया था कि संजीव मानसिक रूप से परेशान थे। उन्होंने स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या की थी। पंचनामा में भी पंचों ने मृत्यु का कारण आत्महत्या बताया था। ऐसे में कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त के निष्कर्ष में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 10, 2026, 17:48 IST
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