High Court : जानबूझकर हेराफेरी है धोखाधड़ी, बर्खास्त चार सहायक अध्यापकों की सेवा बहाली का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सद्भावनापूर्ण त्रुटि को धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता लेकिन, जानबूझकर अंकों में हेराफेरी कर नौकरी पाने वाले राहत के हकदार नहीं हैं। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की अदालत ने कुशीनगर की प्रीति, मनीष कुमार माहौर, रिंकू सिंह और स्वीटी शौकीन की याचिका स्वीकार करते हुए उनकी सेवा बहाली का आदेश दिया है। वहीं, बाकी याचिकाएं खारिज कर दीं। मामला 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़ा है। अंकों में हेराफेरी के आरोप में कई सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्ति का आदेश नौ व 21 मई 2025 को जारी हुआ था। इसके खिलाफ याचियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पाया कि कुशीनगर की प्रीति, मनीष कुमार माहौर, रिंकू सिंह और स्वीटी शौकीन के अलावा बाकी याचियों ने आवेदन पत्र में जानबूझकर अपने वास्तविक से अधिक अंक दर्शाये, जिससे उनकी मेरिट स्थिति प्रभावित हुई और उन्हें अनुचित लाभ प्राप्त हुआ। कोर्ट ने उस आचरण को गंभीर मानते हुए कहा कि इसे साधारण मानवीय भूल नहीं कहा जा सकता। वहीं, प्रीति, मनीष कुमार माहौर, रिंकू सिंह और स्वीटी शौकीन के मामलों में कोर्ट ने पाया कि अंकों को लेकर उपजी विसंगति जानबूझकर लाभ लेने के उद्देश्य से नहीं थी। वह या तो विश्वविद्यालय की ओर से संशोधित मार्कशीट जारी होने के कारण अंकों में बदलाव हुआ या फिर ऐसी त्रुटि हुई, जिससे याचियों को कोई लाभ नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी जानबूझकर अपने अंकों को बढ़ाकर चयन प्रक्रिया में लाभ लेने का प्रयास करता है तो उसे किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि, सद्भावनापूर्ण भूल या ऐसी त्रुटि, जिससे अभ्यर्थी को कोई लाभ न मिला हो, उस मामले में सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया जा सकता है। कोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए लाभदायक स्थिति और नुकसानदायक स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर रेखांकित किया। कहा कि यदि किसी त्रुटि से अभ्यर्थी को कोई अनुचित लाभ नहीं मिला है या वह गलती परिस्थितिजन्य या सद्भावनापूर्ण भूल के कारण हुई है तो उसे धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता।

#CityStates #Prayagraj #UttarPradesh #AllahabadHighCourt #HighCourtAllahabad #ForgeryIpc #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 17, 2025, 13:30 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




High Court : जानबूझकर हेराफेरी है धोखाधड़ी, बर्खास्त चार सहायक अध्यापकों की सेवा बहाली का आदेश #CityStates #Prayagraj #UttarPradesh #AllahabadHighCourt #HighCourtAllahabad #ForgeryIpc #VaranasiLiveNews