Jhajjar-Bahadurgarh News: हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर को मिली रफ्तार, हाई क्वालिटी रेल पटरियों की खरीद प्रक्रिया शुरू
बहादुरगढ़। सोनीपत और पलवल के बीच विकसित हो रहे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना पर काम अब तेजी पकड़ने लगा है। ट्रैक निर्माण को लेकर एक और बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत बड़ी संख्या में स्लीपरों के बाद अब रेल पटरियों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) ने रेल पटरियों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया है। परियोजना के तहत 60 किलोग्राम प्रति मीटर वजन वाली 60ई-1 श्रेणी की रेल पटरियों के निर्माण और आपूर्ति के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं।टेंडर के अनुसार परियोजना में आर-260 और आर-350 एचटी(हीट ट्रीटेड) ग्रेड की रेलों का उपयोग होगा। ये रेलें अधिक मजबूत, टिकाऊ और घिसाव-रोधी मानी जाती हैं। इनका उपयोग अधिक भार वहन करने और तेज गति वाले रेल संचालन के लिए होता है। आगामी डेढ़ साल में ये रेल पटरियां कॉरिडोर में बिछा दी जाएंगी। रेल पटरियों की खरीद प्रक्रिया को परियोजना के निर्माण में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इस तरह यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर प्रदेश के औद्योगिक एवं शहरी क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर के रेल नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। वर्ष 2029 में पूरा होगा प्रोजेक्ट, 11 हजार 709 करोड़ होगी लागतकुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे (केएमपी) के साथ-साथ पलवल से सोनीपत तक बनने वाले रेल प्रोजेक्ट हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) का निर्माण वर्ष 2029 में पूरा होगा। यह प्रोजेक्ट अब 11 हजार 709 करोड़ की राशि से पूरा होगा। 27 अक्टूबर 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। वर्ष 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। यह प्रोजेक्ट भविष्य में माल परिवहन की रीढ़ बनने जा रहा है। इससे न केवल लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी बल्कि हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।पलवल से सोनीपत तक बनने वाले रेल कॉरिडोर की विशेषताएं - सोनीपत से पलवल के बीच दौड़ेंगी सेमी हाईस्पीड सब-अर्बन ट्रेन- सालाना 60 लाख टन माल ढुलाई करने के लिए डिजाइन, 40 लाख यात्री कर सकेंगे सफर-यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ी भी चलेंगी, जो सीधे गुरुग्राम को दिल्ली के बाहर से राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से जोड़ेंगी।- यह मार्ग यात्रा के समय को कम करेगा।- दिल्ली को बाईपास करते हुए इस रेल मार्ग पर शताब्दी, सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलेंगी।- हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में मल्टी माॅडल हब विकसित करने में मदद मिलेगी।- रेल मार्ग राज्य के सभी प्रमुख औद्योगिक शहरों को जोड़ने वाला होगा।- यह दिल्ली से पलवल और सोनीपत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी और असावटी (दिल्ली-मथुरा मार्ग पर), पातली (दिल्ली-रेवाड़ी मार्ग पर), आसौदा (दिल्ली-रोहतक मार्ग पर) और हरसाना कलां (दिल्ली-अंबाला मार्ग) को जोड़ेगा।- इसकी कुल लंबाई: 126 किलोमीटर है व इसकी अधिकतम गति सीएम 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी और 17 नए स्टेशन होंगे व प्रमुख पुल 84, लघु पुल 360 होंगी। - इस पर 2 सुरंगें, प्रत्येक की लंबाई 4.7 किलोमीटर व वायाडक्ट (ऊंचा पुल): 3.9 किलोमीटर का होगा और अधिकतम ऊंचाई 26 मीटर होगी।एचओआरसी प्रोजेक्ट के तहत ट्रैक बनाने के लिए अब रेल पटरियों की खरीद का टेंडर जारी कर दिया है।- नरेश, अधिकारी, एचओआरसी
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 11, 2026, 18:11 IST
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