Chandigarh News: हरियाणा जीएसटी संग्रह में पंजाब से चार गुना आगे, आईटीआर फाइल करने वाले पंजाब में 71 प्रतिशत ज्यादा
-करदाता ज्यादा, राजस्व कम: पंजाब की टैक्स संरचना पर माहिरों में बहस तेजराजीव शर्मालुधियाना। पंजाब और हरियाणा के ताजा कर संग्रह आंकड़ों ने राज्य की आर्थिक संरचना को लेकर अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पंजाब में आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने वालों की संख्या हरियाणा से कहीं अधिक है, वहीं वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के संग्रह में हरियाणा पंजाब से चार गुना अधिक राजस्व जुटा रहा है। यह असमंजस कर संरचना और औद्योगिक नीति पर गंभीर सवाल उठाता है।वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब में 18.59 लाख लोगों ने आईटीआर फाइल किया, जबकि हरियाणा में यह संख्या केवल 10.86 लाख रही। इसका मतलब है कि पंजाब में हरियाणा से 71 प्रतिशत अधिक लोग आईटीआर फाइल करते हैं। इसके बावजूद, जब जीएसटी संग्रह की बात आती है, तो हरियाणा का प्रदर्शन बेहद बेहतर है।जीएसटी संग्रह: दिसंबर 2025 में हरियाणा ने 3629 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन किया, जो पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक था। वहीं, पंजाब में इसी अवधि में जीएसटी संग्रह में 4 प्रतिशत की कमी आई, जो 1966 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर, हरियाणा में केंद्रीय (सीजीएसटी) और राज्य (एसजीएसटी) दोनों मिलाकर जीएसटी संग्रह 88,566 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पंजाब का जीएसटी संग्रह इससे कहीं कम रहा।राजस्व में असमानता के कारणमाहिरों का मानना है कि इस असमानता का मुख्य कारण दोनों राज्यों की आर्थिक संरचना है। हरियाणा में ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और बड़े कॉरपोरेट हब का दबदबा है, जो उच्च जीएसटी योगदान करते हैं। इसके विपरीत, पंजाब में कृषि, छोटे व्यापार और सेवा क्षेत्र का प्रमुख स्थान है, जिनसे जीएसटी का संग्रह अपेक्षाकृत कम होता है।क्यों बढ़ा आईटीआर, फिर भी जीएसटी कम प्रख्यात अर्थशास्त्री और चार्टर्ड अकाउंटेंट अनिल शर्मा का कहना है कि यह सवाल बेहद अहम है—जब पंजाब में करदाता और आईटीआर फाइलर ज्यादा हैं, तो फिर जीएसटी संग्रह में कमी क्यों उनका मानना है कि यह राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश माहौल और कर आधार के विस्तार पर गंभीर मंथन की मांग करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजाब को अपने औद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। खासकर बड़े उद्योगों को राज्य में निवेश करने के लिए आकर्षित करना जरूरी होगा।गंभीर मंथन की आवश्यकतायह आंकड़े इस बात को प्रमाणित करते हैं कि पंजाब की आर्थिक संरचना में औद्योगिकता की कमी और सेवा क्षेत्र का प्रभुत्व जीएसटी संग्रह में कमी का कारण बन रहे हैं। वहीं, हरियाणा ने बड़े उद्योगों के विकास और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर जीएसटी संग्रह में जबरदस्त बढ़ोतरी की है। अब समय आ गया है कि पंजाब इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाए और अपने कर राजस्व को बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों को अपनाए। कर संग्रह और आर्थिक वृद्धि के मुद्दे पर सरकार को प्राथमिकता से काम करना होगा, ताकि राज्य का राजस्व बढ़ सके।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 08, 2026, 19:51 IST
Chandigarh News: हरियाणा जीएसटी संग्रह में पंजाब से चार गुना आगे, आईटीआर फाइल करने वाले पंजाब में 71 प्रतिशत ज्यादा #HaryanaIsFourTimesAheadOfPunjabInGSTCollection #ButPunjabHas71PercentMoreITRFilers. #VaranasiLiveNews
