Ayodhya News: आस्था से अर्थव्यवस्था तक, बदली अयोध्या की तस्वीर

नितिन मिश्र अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष बुधवार को पूरे हो रहे हैं। इन दो वर्षों में अयोध्या सिर्फ एक तीर्थनगरी नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ी धार्मिक-आर्थिक हब बनकर उभरी है। इन दो वर्षों में आस्था की जिस लहर ने सरयू तट को छुआ, उसने शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संरचना को बदल दिया।मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद रामलला के दरबार में रोजाना 25 से 30 हजार श्रद्धालु आते थे। 22 जनवरी 2024 को भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह संख्या बढ़कर 80 हजार तक पहुंच गई। पर्व और त्योहार पर डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा के बाद बीते दो वर्षों में देश-विदेश से करीब 40 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। 2024 में साढ़े 16 करोड़ से अधिक, इस साल नवंबर तक 23 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। तीर्थाटन और धार्मिक पर्यटन के इस अभूतपूर्व प्रवाह से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिली। होटल, धर्मशाला, परिवहन, हस्तशिल्प, फूल-माला, प्रसाद, खानपान और गाइड सेवाओं में बूम आया। इससे हजारों नए रोजगार सृजित हुए।जहां एक ओर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाएं प्रबल रहीं, वहीं दूसरी ओर अयोध्या ने आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में लंबी छलांग लगाई। चौड़ी और सुव्यवस्थित सड़कें, अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन का कायाकल्प, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का विस्तार, इन सभी ने अयोध्या को वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई।उप निदेशक पर्यटन बृजपाल सिंह के के अनुसार होटल और जलपान गृह से जीएसटी संग्रह की धनराशि में 2024 की तुलना में इस साल 161.03 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। नवंबर तक 99.29 लाख की जीएसटी का संग्रह किया जा चुका है। देश-विदेश से 20 हजार से अधिक वीआईपी अयोध्या पहुंचेरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में वीआईपी श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। दो सालों में 20 हजार से अधिक वीआईपी रामलला के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। राष्ट्राध्यक्ष, मुख्यमंत्री, संत-महंत, उद्योगपति और विदेशी प्रतिनिधि मंडल इस दौरान अयोध्या पंहुचा। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में ही फिल्मी दुनिया, खेल, उद्योग, साहित्य व कला क्षेत्र की हस्तियां अयोध्या पहुंची थीं। इस साल भूटान व मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामलला के दरबार में हाजिरी लगाने आए थे। इजराइल व थाईलैंड के राजदूत भी राम मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड इकोनॉमिक एसोसिएशन के महासचिव प्रो. विनोद श्रीवास्तव, महासचिव ने बताया कि अयोध्या ने पर्यटन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रोजगार के अवसर पांच गुना बढे हैं। अयोध्या अभी अकेले लगभग 1.5% तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी में योगदान कर रही है। यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की राह में अयोध्या की सीधी हिस्सेदारी है। निवेश और पर्यटन ब्रांडिंग में इसकी हिस्सेदारी 100 फीसदी से भी ज्यादा है। उत्तर प्रदेश का पर्यटन सेक्टर अगले कुछ वर्षों में 70,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें अयोध्या का योगदान लगभग 25% रहेगा। अभी पर्यटन गतिविधियों से शहर की अर्थव्यवस्था सालाना 8000-12,500 करोड़ तक पहुंची है, जिससे राज्य की आर्थिक वृद्धि में मदद मिल रही है।

#FromFaithToEconomy #ThePictureOfAyodhyaHasChanged #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 30, 2025, 21:47 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Ayodhya News: आस्था से अर्थव्यवस्था तक, बदली अयोध्या की तस्वीर #FromFaithToEconomy #ThePictureOfAyodhyaHasChanged #VaranasiLiveNews