Fact Check: फर्जी है अहमद अल अहमद को टाइम पर्सन ऑफ द ईयर चुने जाने का दावा, पढ़ें पड़ताल

ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के बॉन्डी बीच पर हनुक्का त्योहार के दौरान यहूदियों पर हमला किया गया। लोग जब हनुक्का त्योहार मना रहे थे तभी साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद ने लोगों पर गोलियां बरसा दी। इस बीच 43 साल के अहमद अल अहमद ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बंदूकधारी को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान वह हमलावर की बंदूक छीनने में सफल रहे। अब उनकीएक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है। तस्वीर टाइम पत्रिका नाम की पत्रिका के कवर पेज पर छपी हुई नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि टाइम पत्रिका ने उनकी तस्वीर छापकर उन्हें बॉन्डी बीच पर हुए हमले का हीरो बताया है। साथ ही उन्हें पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि इस तस्वीर में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। टाइम पत्रिका ने अपनी किसी भी मैगजीन के कवर में अहमद अल अहमद की तस्वीर को नहीं छापा है। क्या है दावा इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि टाइम पत्रिका ने अपने कवर पेज पर अहमद अल अहमद को हीरो बताते हुए तस्वीर को छापा है। इसके साथ ही उन्हें पर्सन ऑफ द ईयर चुना है। तूबा (@Tooba555Tooba) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “असली हीरो वे होते हैं जो जान बचाते हैं। दुनिया को यह दिखाने के लिए धन्यवाद अहमद अल अहमद कि इस्लाम क्या है। ईश्वर आपका भला करें। इंसानियत हमारे धर्म का मूल है। शांति हमेशा बनी रहे।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। पड़ताल इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया। कीवर्ड से टाइम के पर्सन ऑफ द ईयर जांचने के दौरान हमें टाइम की वेबसाइट मिली। इस वेबसाइट पर 11 दिसंबर को पर्सन ऑफ द ईयर 2025 की घोषणा की गई थी। इस पर टाइम पत्रिका पर आठ लोगों की तस्वीर लगी हुई थी। इसी के साथ टाइम ने लिखा था “AI के आर्किटेक्ट्स TIME के 2025 के पर्सन ऑफ द ईयर हैं।” आगे हमें बीबीसी की 11 दिसंबर की रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में भी टाइम पत्रिका के पर्सन ऑफ द ईयर की रिपोर्ट छापी थी। इस रिपोर्ट में लिखा था “टाइम पत्रिका का 2025 का पर्सन ऑफ द ईयर कोई एक व्यक्ति नहीं है। इसके बजाय, पत्रिका ने साल की सबसे प्रभावशाली हस्ती के तौर पर कृत्रिम बुद्धिमता के "आर्किटेक्ट्स" को चुना है। Nvidia के बॉस जेनसेन हुआंग, मेटा के हेड मार्क ज़करबर्ग, X के मालिक एलन मस्क और AI की "गॉडमदर" फेई-फेई ली उन लोगों में शामिल हैं जिनकी तस्वीरें पत्रिका के दो कवर में से एक पर छपी हैं। वहीं टाइम के एक्स को सर्च करने पर हमें पता चला कि पत्रिका ने 15 दिसंबर के अपने अंक में , बोंडी बीच नरसंहार की रिपोर्ट छापी थी। इसमें सिडनी ओपेरा हाउस की एक तस्वीर छपी है जिसमें एक यहूदी मेनोराह (यहूदी मोमबत्ती स्टैंड) दिखाई दे रहा है। यहां से यह साफ है कि टाइम पत्रिका ने 11 दिसंबर को पर्सन ऑफ द ईयर की घोषणा कर दी थी। लेकिन 14 दिसंबर की रात में हुआ था। पड़ताल का नतीजा हमारी पड़ताल में यह साफ है कि टाइम पत्रिक के द्वारा अहमद अल अहमद को पर्सन ऑफ द ईयर नहीं चुना गया है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 22, 2025, 18:22 IST
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