Bareilly News: उद्यमियों को मिलेगी फ्री होल्ड भूमि, खुलेंगे निवेश के नए द्वार

बरेली। दिल्ली और लखनऊ के बीच स्थित बरेली अब तेजी से औद्योगिक हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से विकसित की जा रही औद्योगिक टाउनशिप में उद्यमियों को फ्री होल्ड भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव निवेश के नए द्वार खोलेगा। खास बात यह है कि प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में जहां फ्री होल्ड जमीन लगभग अनुपलब्ध है, वहीं बरेली उद्यमियों के लिए नया और सुरक्षित ठिकाना बनकर उभर रहा है।नोएडा, ग्रेटर नोएडा और लखनऊ के आसपास औद्योगिक इकाइयों पर बढ़ते दबाव, महंगी जमीन और लीज होल्ड की बाध्यताओं के चलते अब उद्यमियों की नजर बरेली पर टिक गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां बरेली की ओर रुख कर सकती हैं।लखनऊ में आयोजित इंडिया फूड एक्सपो-2026 में बीडीए के उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए ने प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप का विस्तृत रोडमैप साझा किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर और लखनऊ में औद्योगिक भूमि की कमी और बढ़ती लागत के कारण उद्योगों के विस्तार में बाधा आ रही है। ऐसे में बरेली एक व्यवहारिक, किफायती और दीर्घकालिक विकल्प के रूप में उभर रहा है।रहपुरा जागीर के पास लगभग 300 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही इस औद्योगिक टाउनशिप की भौगोलिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह दिल्ली–लखनऊ कॉरिडोर पर स्थित है, उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्रों से नजदीक है और गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ाव के कारण माल परिवहन में समय और लागत दोनों की बचत होगी। बेहतर रेल नेटवर्क और नजदीकी हवाई संपर्क से लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी।पहली बार बीडीए की किसी औद्योगिक परियोजना में उद्यमियों को लीज होल्ड के बजाय फ्री होल्ड प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे उन्हें पूर्ण मालिकाना हक मिलेगा और बैंक फाइनेंस, विस्तार व दीर्घकालिक निवेश में आसानी होगी। लंबे समय से बरेली के विभिन्न औद्योगिक आस्थानों में कार्यरत उद्यमी भी अपनी लीज होल्ड जमीन को फ्री होल्ड कराने की मांग कर रहे थे, जिस पर इस पहल से सकारात्मक उम्मीद जगी है।दो चरणों में होगा टाउनशिप का विकासबीडीए की इस औद्योगिक टाउनशिप को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। इसमें विश्वस्तरीय सुविधाओं का प्रावधान होगा, जिसमें स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, भूमिगत विद्युत नेटवर्क, गैस पाइपलाइन, ई-चार्जिंग स्टेशन, चौड़ी और मजबूत सड़कें, उन्नत सीवरेज व ड्रेनेज सिस्टम, फायर स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। यह टाउनशिप फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, लाइट इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष रूप से आकर्षक मानी जा रही है।डिमांड सर्वे शुरूनिवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के लिए बीडीए ने तीन दिनों का डिमांड सर्वे शुरू किया है। इच्छुक उद्यमी बीडीए की आधिकारिक वेबसाइट bdainfo.org पर आवेदन कर सकते हैं या लखनऊ में आयोजित फूड एक्सपो में बीडीए के स्टॉल पर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। संवाद--बीडीए अपनी इस पहल के जरिये उद्यमियों को व्यवहारिक, किफायती और दीर्घकालिक विकल्प मुहैया कराएगा। इससे शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी। रोजगार सृजन भी होगा। - डॉ. मनिकंडन ए., उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण--------उद्यमियों को जगी उम्मीद जिले के परसाखेड़ा, सीबीगंज, फरीदपुर, रजऊ, भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 400 से अधिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। इन क्षेत्रों में अधिकतर भूमि यूपीसीडा और उद्योग विभाग की है। यह उद्यमियों को 99 वर्ष की लीज पर दी गई है। लीज समाप्त होने के बाद नवीनीकरण में उद्यमियों को समस्याएं आती हैं। कई बार इकाई बंद करने तक की नौबत आ जाती है। प्रदेशभर के उद्यमी फ्री होल्ड भूमि के लिए वर्षों से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अब बीडीए की पहल से उनको भी भूमि फ्री होल्ड होने की उम्मीद जगी है। इससे प्रदेश सरकार की एमएसएमई नीति को भी बढ़ावा मिलेगा। छोटे उद्यमी भी अपने उद्योग को विकसित कर पाएंगे।जिले में संचालित हो रहीं प्लाईवुड और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयांजिले में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ीं छोटी-बड़ी 200 से अधिक इकाइयां संचालित हैं। यहां बने उत्पाद दूसरे प्रदेशों में भी भेजे जाते हैं। करीब 150 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार होता है। परसाखेड़ा में करीब एक दर्जन प्लाईवुड फैक्टरियां हैं। यहां बना माल दक्षिण भारत, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य जगह भेजा जाता है। जिले के प्लाईवुड उद्योग का वार्षिक टर्नओवर सौ करोड़ रुपये से अधिक का है। इसी के मद्देनजर बीडीए ने औद्योगिक टाउनशिप में भूमि को फ्री होल्ड करने का फैसला लिया है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव रजत मेहरोत्रा ने बताया कि नई टाउनशिप में उद्यमियों को सभी तरह की सुविधाएं मिलेगी। उन्हें एनओसी के लिए भटकना नहीं होगा। विकास शुल्क से भी राहत मिलेगी। प्रदूषणमुक्त वातारण के बीच उद्योगों की रफ्तार बढ़ेगी।--बीडीए की ओर से भूमि फ्री होल्ड करने की पहल उद्योगों को बढ़ावा देने वाली है। इस नीति से जिले में नए उद्योग आएंगे और जिला नए औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा। - मयूर धीरवानी, चेयरमैन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशनजिले में उद्योगों की स्थितिऔद्योगिक आस्थान इकाइयों की संख्यापरसाखेड़ा 200फरीदपुर/रजऊ 150भोजीपुरा 20सीबीगंज 30

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 18, 2026, 03:04 IST
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