भारत में बढ़ी मेडिकल यूनिवर्सिटी फीस से विदेश में शिक्षा का विकल्प चुन रहे छात्र

भारत में डॉक्टर बनने के लिए हर वर्ष23-24लाख छात्र नीट यूजी परीक्षा में बैठते हैं। इस परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को शिक्षा मंत्रालय की मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी(MCC)द्वारा आयोजित अखिल भारतीय काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होना होता है। अखिल भारतीय काउंसिलिंगके15प्रतिशत सीट कोटे में दाखिला नहीं मिलने पर छात्र राज्यों की85प्रतिशत सीट कोटे वाली स्टेट लेवल काउंसिलिंग में हिस्सा लेते हैं। मौजूदा समय में ये दोनों ही काउंसिलिंग प्रक्रियाएं चल रही हैं। अब अगर आपको सरकारी कॉलेज न मिलने पर किसी डीम्ड यूनिवर्सिटी मेंदाखिला लेना है। एमबीबीएस और बीडीएस दोनों ही कोर्स में डीम्ड यूनिवर्सिटीज की फीस काफी ज्यादा है। एमबीबीएस की6साल की पढ़ाई का खर्चा1करोड़ से अधिक हो जाता है। ऐसे में कई अभिभावक भारत सरकार से निजी कॉलेजों की बेतरतीब बढ़ती फीस पर रोक लगाने के लिए कोई नियमबनाने की बात कर रहे हैं। इसी कारण भारत में सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस सीट नहीं पाने पर युवा विदेश से एमबीबीएस का विकल्प चुन रहा है। उदाहरण के लिए केवल एक राज्य महाराष्ट्र को ले लेते हैं,यहां तकरीबन14बड़ी यूनिवर्सिटीज हैं। जिनमें प्रतिवर्ष एमबीबीएस का खर्च20लाख रुपये है। यानी6वर्ष के लिए1.20करोड़ रुपये। इस वर्ष भी डीम्ड यूनिवर्सिटीज ने1से2लाख रुपये प्रति वर्ष की बढ़ोत्तरी कीहै। मतलब अगर आप महाराष्ट्र में रहते हैं और आपको डॉक्टर बनना है आपकी रैंक के अनुसार आपको एमसीसी काउंसिलिंग में सरकारी कॉलेज में सीट नहीं मिली। राज्य कोटे में भी आपको सेंट्र्ल यूनिवर्सिटीज का सरकारी कॉलेज नहीं मिल सका। ऐसे में अब आपके पास विकल्प होगा डीम्ड यूनिवर्सिटीजमें दाखिला कराने का। जहां प्रतिवर्ष फीस20से27लाख रुपये है। ऐसे में जिन अभिभावकों के पास इतनी रकम नहीं है वह विदेश से एमबीबीएस के विकल्प के बारे में सोचते हैं। जहां से उनका बच्चा पूरी एमबीबीएस की पढ़ाई20से25लाख रुपये में खत्म करके वापस इंडिया आ सकता है। क्योंकि भारत में एमबीबीएस की सीट की डिमांड ज्यादा है और सीटों की संख्या कम है। इसलिए नीट में सफल होने वाले केवल25प्रतिशत छात्र ही भारत में काउंसिलिंग में भाग लेकर एमबीबीएस,बीडीएस,बीएएमएस,बीएचएमएस,बीयूएमएस,बीएससी नर्सिंग आदि में दाखिला करा पाते हैं। बाकी75प्रतिशत सफल छात्रों को दाखिले के लिए भारत के निजी कॉलेज या विदेश से एमबीबीएस ही एकमात्र विकल्प बचता है। इस वर्ष नीट क्वालीफाई करने वाले छात्रों की बात करें तो वो है करीब13लाख और कुल एमबीबीएस सीट हैं1लाख12हजार के आसपास। अब आप स्वयं अनुमान लगा सकते हैं कि10लाख छात्रों के पास विकल्प में दोबारा से नीट परीक्षा देना,एक साल बर्बाद करना या फिर विदेश से एमबीबीएसही बचता है। विदेश में आवेदन कहां करें वैसे से चीन,बांग्लादेश,नेपाल,रूस,जॉर्जिया,यूएस और कजाकिस्तान कहीं भी आवेदन दिया जा सकता था। लेकिन भारत में सुप्रीम कोर्ट में चले नीट प्रकरण के कारण यहां नीट रिजल्ट आने में देरी हो गई और विदेश के कई देश जून-जुलाई में अपनी एमबीबीएस सीटें भर चुके हैं। अब केवल कजाकिस्तान में दाखिला प्रक्रिया जारी है। बाकी रूस,जॉर्जिया बगैरह में दाखिला प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। कजाकिस्तान में बेहतरीन यूनिवर्सिटी कौन सी है कजाकिस्तान में वैसे तो टॉप10यूनिवर्सिटी बेहतर हैं जहां भारत के9000से अधिक छात्र मौजूदा समय में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। यहां के सरकारी यूनिवर्सिटी की बात करें तो कोक्शेताउ स्टेट यूनिवर्सिटी यहां की सबसे बेस्ट यूनिवर्सिटी है। जहां20से25लाख रुपये में आप पूरी एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकते हैं। कोक्शेताउ यूनिवर्सिटी के बारे में 62वर्षों का इतिहास समेटे कजाकिस्तान की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल यूनिवर्सिटी कोक्शेताउ भारतीय छात्रों के बीच खासी लोकप्रिय है। वर्तमान समय में1000से अधिक भारतीय छात्र इस यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश,राजस्थान,दिल्ली व हरियाणा सेयहां पढ़ाई कर रहे छात्रों कोMBBSप्रोग्राम के हिस्से के रूप में एनएमसी के अनुसार सभी19विषयों मेंNExTकी फ्री कोचिंग मिलती है। क्योंकि एमबीबीएस की डिग्री के बाद भारत में डॉक्टरी प्रैक्टिस के लिएNExTएग्जाम में सफल होना बहुत जरूरी है।NExTएग्जाम के लिए100%स्कॉलरशिप के कारण भी इस यूनिवर्सिटी को बहुत से भारतीय छात्र चुनते हैं। यहां दाखिला लेने के फायदे WHOद्वारा मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी MBBSके लिए सबसे कम फीस Neetस्कोर कम है तो भी मिलेगा एडमिशन NExTनि:शुल्क कोचिंग का अवसर कजाकिस्तान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने का मौका दाखिला संबंधित सूचना बीते12वर्षों से एमबीबीएस एब्रॉड में काम कर रहेMokshने अब तक5000से अधिक छात्रों के विदेश के टॉप रैंक कॉलेजों मेंMBBSमें दाखिला दिलाया है। कजाकिस्तान में30सितम्बर तक दाखिला प्रक्रिया जारी रहेगी। जिसके लिए आपको अभी आवेदन करना होगा। क्योंकि आपकी आवेदन प्रक्रिया,वीजा संबंधी दस्तावेजीकरण,कजाकिस्तान में हॉस्टल,मेस सुविधा से लेकर स्कॉलरशिप तक अरेंज करने में1माह का समय लग जाता है। अगर आप आवेदन करने जा रहे हैं तोSAFALTA Mokshकाउंसलर की मदद लें। जो दाखिलाप्रक्रिया,वीजा,टिकट,पासपोर्ट समेत हर काम में आपकी पूरी सहायता करेंगे। इसके लिए आप टोल फ्री नंबर18005710202पर कॉल कर सकते हैं।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 30, 2024, 10:42 IST
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