पुतिन-जिनपिंग से यूक्रेन युद्ध पर बातचीत को ट्रंप तैयार: रूस का दावा- समझौते से डर रहे जेलेंस्की; अब आगे क्या?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध खत्म करने और परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ त्रिपक्षीय बैठक करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शामिल हों या नहीं, वह युद्ध खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं। वहीं, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जेलेंस्की पर शांति वार्ता में बाधा डालने का आरोप लगाया है। लावरोव का दावा है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति को डर है कि रूस और अमेरिका के बीच स्वीकार्य शांति समझौता होने से उनकी सत्ता खत्म हो सकती है। पुतिन और जिनपिंग के साथ बैठक को तैयार ट्रंप ट्रंप ने सोमवार को स्थानीय समयानुसार व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वह यूक्रेन युद्ध खत्म करने और परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए रूस और चीन के नेताओं के साथ बैठक करने को तैयार हैं। वह कंसास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह जेलेंस्की के बिना पुतिन और जिनपिंग के साथ बैठक करेंगे, तो ट्रंप ने कहा, "युद्ध खत्म करने के लिए मैं जो कुछ भी कर सकता हूं, करूंगा, चाहे कोई वहां मौजूद हो या नहीं।" उन्होंने कहा कि रूस और चीन के नेता भी बैठक करना चाहते हैं। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने ही इस तरह की बैठक का सुझाव दिया था। उन्होंने बताया कि वह नवंबर में चीन जाने वाले हैं और वहां परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं।ट्रंप ने कहा, "अगर हम परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने में सफल होते हैं, तो मैं दुनिया पर बहुत बड़ा उपकार करूंगा।" परमाणु हथियारों पर चर्चा होगी मुख्य एजेंडा ट्रंप ने कहा कि रूस और चीन के साथ संभावित बैठक की तारीख और कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन वह इस विचार का समर्थन करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित बैठक का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन युद्ध के बजाय परमाणु हथियारों और उनके प्रसार को रोकने पर चर्चा करना होगा। जेलेंस्की पर ट्रंप ने साधा निशाना जेलेंस्की की उस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें उन्होंने अमेरिकी प्रशासन को इतिहास के गलत पक्ष में बताया था, ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति की आलोचना की।ट्रंप ने कहा, "जेलेंस्की को नहीं पता कि वह क्या कह रहे हैं। उन्हें यह युद्ध बहुत पहले खत्म कर लेना चाहिए था। अगर उन्होंने मेरी बात सुनी होती, तो बहुत पहले बेहतर समझौता कर लिया होता और उनके पक्ष में दस लाख लोग जीवित होते।" ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध के दौरान भारी संख्या में लोगों की जान गई है, जबकि क्षेत्रीय नियंत्रण में बहुत कम बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यूक्रेन की ओर से किसी दूसरे व्यक्ति को बातचीत की जिम्मेदारी देने का समय आ गया है। पुतिन ने भी त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव दिया था इससे पहले रविवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी थी कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले महीने ट्रंप और जिनपिंग के साथ त्रिपक्षीय शिखर बैठक का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा करना और रूस के हितों के अनुकूल शांति समझौते की दिशा में बातचीत करना बताया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ट्रंप के साथ सुधरते संबंधों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस संभावित बैठक में यूक्रेन की भागीदारी नहीं होने की आशंका से कीव और अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों में चिंता है।क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि संभावित बैठक को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, "अभी बैठक और उसके संभावित एजेंडे को लेकर कोई स्पष्ट समझ नहीं है, हालांकि तीनों पक्ष इस तरह की बैठक होने की संभावना को स्वीकार करते हैं।" वहीं, जेलेंस्की ने शनिवार को कहा था कि पुतिन के साथ संभावित त्रिपक्षीय बैठक दिसंबर में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका में हो सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा था कि इस बारे में मॉस्को और वॉशिंगटन की पुष्टि का इंतजार है। लावरोव का आरोप- जेलेंस्की नहीं चाहते शांति वार्ता रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर जानबूझकर रूस के साथ शांति वार्ता को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की को डर है कि रूस और अमेरिका के बीच स्वीकार्य समझौता होने से उनकी सत्ता और व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य खत्म हो सकता है।तेहरान में रूस और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की रणनीतिक बातचीत के लिए आयोजित नौवीं संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने यह बात कही। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से साझा किए गए उनके बयान के मुताबिक, लावरोव ने कहा, "हम केवल एक निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि जेलेंस्की बातचीत नहीं चाहते। उन्होंने बार-बार बातचीत को पटरी से उतारा है। जाहिर तौर पर उन्हें समझ है कि रूस और अमेरिका के बीच स्वीकार्य कोई भी समझौता उनके शासन और व्यक्तिगत रूप से उनके राजनीतिक भविष्य का अंत होगा।" रूस ने यूक्रेन पर वार्ता बाधित करने का लगाया आरोप लावरोव ने कहा कि जब भी वॉशिंगटन और मॉस्को के बीच शांति वार्ता दोबारा शुरू करने को लेकर शुरुआती सहमति बनी, उसके बाद यूक्रेन ने ऐसी कार्रवाई की, जिससे बातचीत आगे बढ़ने की संभावनाएं प्रभावित हुईं।उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए प्रस्तावों के बाद भी कई बार रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत फिर शुरू करने को लेकर सहमति बनी, लेकिन अगले ही दिन ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा। लावरोव ने कहा, "कई मौकों पर, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावों के बाद मॉस्को और कीव के बीच आगे बढ़ने तथा बातचीत फिर शुरू करने को लेकर कुछ सहमति बनी थी, उसके ठीक अगले दिन यूक्रेन ने अस्वीकार्य और निंदनीय कदम उठाए। इनमें सबसे प्रमुख नागरिक ठिकानों पर हमले थे।"

#World #International #DonaldTrump #VladimirPutin #XiJinping #VolodymyrZelenskyy #SergeyLavrov #RussiaUkraineWar #TrilateralMeeting #PeaceTalks #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 20, 2026, 05:01 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




पुतिन-जिनपिंग से यूक्रेन युद्ध पर बातचीत को ट्रंप तैयार: रूस का दावा- समझौते से डर रहे जेलेंस्की; अब आगे क्या? #World #International #DonaldTrump #VladimirPutin #XiJinping #VolodymyrZelenskyy #SergeyLavrov #RussiaUkraineWar #TrilateralMeeting #PeaceTalks #VaranasiLiveNews