पश्चिम एशिया संकट: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को फिर लगाया मक्खन, अमेरिकी राष्ट्रपति ने लगा दिए किनारे!
दुनिया भर में चल रहे तेल के संकट और मंदी के बीच एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बरसों पुराना झगड़ा अब खत्म होने वाला है। दावा किया जा रहा है कि दोनों देश एक ऐतिहासिक शांति समझौते के बिल्कुल करीब पहुंच गए हैं। इसके पीछे पाकिस्तान बिचौलिया बना हुआ है। लेकिन इस पूरे मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक बार फिर खेला हो गया है। शरीफ लगाते रह गए मक्खन, ट्रंप ने भाव तक नहीं दिया! पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की तारीफ में कसीदे पढ़ डाले। शरीफ ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ एक बहुत ही जरूरी और पॉजिटिव फोन कॉल की है। शनिवार को ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, यूएई, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं को लाइन पर लिया था। लेकिन हैरत और मजे की बात यह रही कि डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर से तो तसल्ली से बात की, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को सीधे किनारे लगा दिया यानी भाव ही नहीं दिया! ट्रंप ने शहबाज शरीफ से फोन पर बात करना भी मुनासिब नहीं समझा। इसके बावजूद, चीन के दौरे पर गए शहबाज शरीफ सोशल मीडिया पर ट्रंप को बधाई देने में जुटे रहे। उन्होंने अपने सेना प्रमुख आसिम मुनीर की भी पीठ थपथपाई कि उन्होंने इस डील के लिए दिन-रात एक कर दिया है। आसिम मुनीर पहुंचे थे तेहरान अभी पिछले दिनों पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे थे। वहां उन्होंने ईरान के बड़े नेताओं से गुपचुप मुलाकात की। मकसद साफ था कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे पुराने विवाद को सुलझाकर एक पक्का पैचअप यानी समझौता कराना। मुनीर का यह दौरा खत्म होते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर बड़ी बात कही। ट्रंप ने एलान किया कि ईरान के साथ शांति समझौते का पूरा खाका लगभग तैयार है। डील की आखिरी बारीकियों पर बात चल रही है और बहुत जल्द इसका ऑफिशियल एलान कर दिया जाएगा। यह भी पढ़ें:Peace Talks:होर्मुज खुलने से लेकर यूरेनियम सौंपने तक, जानें US-ईरान के संभावित समझौते में और क्या शामिल क्यों जरूरी है यह समझौता अमेरिका और ईरान के इस झगड़े की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो रखी है। पाकिस्तान इस मामले में इसलिए पंच बना घूम रहा है क्योंकि अमेरिका और ईरान, दोनों ही पाकिस्तान पर भरोसा करते हैं। पिछले महीने भी पाकिस्तान ने साल 1979 के बाद पहली बार दोनों देशों के नेताओं को आमने-सामने बिठाया था, हालांकि तब बात नहीं बन पाई थी। इस पूरे बवाल का असली जड़ है ईरान का परमाणु कार्यक्रम और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' समुद्री रास्ता। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया का 20% तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान पर हमला बोला था, जिसके बाद ईरान ने भी करारा पलटवार किया। तब से यह समुद्री रास्ता पूरी तरह ब्लॉक है। हालांकि 8 अप्रैल से सीजफायर लागू है, फिर भी जहाजों का आना-जाना ठप पड़ा है। अब ट्रंप ने कहा है कि नए समझौते के तहत इस रास्ते को दोबारा खोल दिया जाएगा।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: May 24, 2026, 09:24 IST
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