हरियाणा में कुत्तों का पंजीकरण नहीं: घरों में पल रहे हैं 61 हजार कुत्ते, पंजीकरण सिर्फ 23 का; न नोटिस न अभियान
हरियाणा के लोगों ने घरों में प्रतिबंधित प्रजाति के करीब 12 हजार कुत्ते पाल रखे हैं। कई हादसे होने के बावजूद किसी निकाय की नींद नहीं टूटी। केंद्र सरकार की ओर से कराई गई 20वीं पशु गणना के अनुसार प्रदेश में 61,707 घरेलू पालतू कुत्ते हैं लेकिन निकायों को इसकी जानकारी नहीं है। 87 निकायों में से सिर्फ चार में 23 पालतू कुत्तों का पंजीकरण है। निकाय पालतू कुत्तों का पंजीकरण न कराने वालों को न नोटिस देते हैं और न कोई अभियान चला रहे हैं। हरियाणा में पिटबुल जैसी प्रतिबंधित व खतरनाक प्रजाति के कुत्ते घरों में पाले जा रहे हैं। ऐसे कुत्तों के कारण कई हादसे हो चुके हैं। हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग 87 निकायों में पंजीकरण को लेकर सख्ती नहीं दिखा सका। हिसार में केवल 10 लोगों ने घरों में कुत्ते पालने के लिए नगर निगम में पंजीकरण कराया है। इसके अलावा रोहतक में 4, सोनीपत में 3 और पानीपत में 6 पंजीकरण हुए हैं। हिसार के अतिरिक्त निगम आयुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा ने बताया कि पालतू कुत्ते के हमला करने पर आपराधिक केस बनता है। इसलिए ऐसे मामलों में पुलिस ही कार्रवाई करती है। राज्य में बड़ी संख्या में घरों में प्रतिबंधित श्रेणी के कुत्ते भिवानी में शहर में 10-12 हजार लोगों ने कुत्ते पाल रखे हैं मगर पंजीकरण एक भी नहीं है। इनमें प्रतिबंधित श्रेणी के 80-90 कुत्ते हैं। नगर परिषद ने पंजीकरण न कराने वालों को आज तक कोई नोटिस नहीं दिया। हिसार शहर में करीब 20 हजार लोगों ने कुत्ते पाल रखे हैं। इनमें 100 से अधिक प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते हैं लेकिन नगर निगम के पास इनकी कोई जानकारी नहीं है। फतेहाबाद व सिरसा नगर परिषदों के पास भी ऐसा कोई ब्योरा नहीं। जींद शहर में करीब पांच हजार घरों में विभिन्न नस्लों के पालतू कुत्ते हैं। झज्जर और नारनौल में भी कोई पंजीकरण नहीं कराया गया है। करनाल, यमुनानगर कुरुक्षेत्र और कैथल में भी किसी पालतू कुत्ते का पंजीकरण नहीं है। कुत्ते बेचने वालों के पंजीकरण भी बेहद कम हिसार शहर में पंजीकृत पेट शॉप की संख्या करीब 10 हैं जबकि 50 से अधिक पेट शॉप अलग-अलग इलाकों में संचालित हैं। सिरसा में शहर में पेट शॉप करीब 20 हैं, लेकिन पंजीकरण महज चार दुकानों का ही है। भिवानी शहर में 10-12 कुत्ते बिक्री की दुकान हैं मगर पंजीकरण किसी का नहीं। अंबाला, करनाल और कैथल शहरों में यही स्थिति है। जिले में कई पेट शॉप हैं लेकिन प्रशासन के पास उन्होंने पंजीकरण नहीं करवाया है। कुरुक्षेत्र जिले में 20 से अधिक पेट शॉप हैं लेकिन प्रशासन के पास किसी का पंजीकरण नहीं है। पंचकूला के बाद रोहतक में पहली बार 2018 में पकड़े गए थे कुत्ते रोहतक में 2018 में ओमैक्स सिटी में 6 वर्षीय बच्ची पर पिटबुल ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। जब लोगों की नाराजगी बढ़ी तो पुलिस केस दर्ज किया गया। निगम प्रशासन ने पहली बार टेंडर जारी कर करीब 23 हजार लावारिस कुत्ते पकड़े थे। इससे पहले पंचकूला में भी लावारिस कुत्ते पकड़े गए थे। हरियाणा में 12 हजार प्रतिबंधित प्रजाति के कुत्ते शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा की राज्य निगरानी समिति की पूर्व सदस्य डॉ. प्राप्ति बजाज का कहना है कि अभी राज्य में मुख्य रूप से गुरुग्राम, पंचकूला और गुरुग्राम में हाई कोर्ट की सख्ती के बाद पंजीकरण को लेकर थोड़ा काम हुआ है। प्रतिबंधित कुत्तों का अधिकारिक ब्योरा तो नहीं है लेकिन पशुओं की गणना के अनुसार करीब 12 हजार प्रतिबंधित श्रेणी के कुत्ते हो सकते हैं। कुत्ते घरों में रखने के लिए निकायों में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। निकाय अपने स्तर से पंजीकरण कराने के लिए अधिकृत हैं। कार्रवाई भी निकाय अपने स्तर से करने में सक्षम हैं। निकायों की आय में भी इससे बढ़ोतरी होती है। - डॉ. शाश्वत सांगवान, मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत (शहरी) निकाय निदेशालय जो भी घरों में कुत्ते पाले जाते हैं उनका पंजीकरण कराने का जिम्मा निकायों को कराना होता है इसलिए पंजीकरण को लेकर सही ब्योरा निकायों के पास ही उपलब्ध हो सकता है। - डा. प्रेम सिंह, निदेशक, हरियाणा पशु पालन एवं डेयरी विभाग
#CityStates #Chandigarh-haryana #DogRegistrationInHaryana #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 16, 2026, 12:05 IST
हरियाणा में कुत्तों का पंजीकरण नहीं: घरों में पल रहे हैं 61 हजार कुत्ते, पंजीकरण सिर्फ 23 का; न नोटिस न अभियान #CityStates #Chandigarh-haryana #DogRegistrationInHaryana #VaranasiLiveNews
