Noida News: पान की दुकानों की तरह खुल रहे शराब के ठेके, नियमों पर उठे सवाल
- जहां जगह मिली, वहीं खोल दिया ठेका शराब की दुकानों के विस्तार से बढ़ी चिंता-कहीं ग्रीन बेल्ट में तो कहीं फुटपाथ पर खोखे रखकर खोल दिए गए शराब के ठेके, प्राधिकरण अधिकारियों ने मूंदी आंखें -शहर के निवासियों ने उठाए सवाल, कहा कि सड़क किनारे अगर गरीब दुकानदार की रेहड़ी अवैध है तो शराब के खोखे जायज कैसेयोगेश तिवारीनोएडा। शहर में पान की दुकान की तरह शराब के ठेके खुल रहे हैं। अब तक कई जगहों पर फुटपाथ, सर्विस रोड, ग्रीन बेल्ट में खोखे में शराब के ठेके खुल चुके हैं। यह ठेके नोएडा प्राधिकरण में प्रभावी वेडिंग जोन की नीति से लेकर ग्रीन बेल्ट व भू-उपयोग नियमावली के अनरूप नहीं हैं। फिर भी प्राधिकरण ने आंखें बंद की हुई हैं। शहर के निवासी हैरान हैं। निवासियों का कहना है कि ऐसे तो नोएडा के नियोजन की कल्पना व्यर्थ हो जाएगी। आगे इसका असर सेक्टर व गांव की शांति व कानून-व्यवस्था पर भी पड़ेगा। कोई मंजूरी नहीं न ही प्राधिकरण में जमा हो रहा किराया : नोएडा प्राधिकरण के सामान्य प्रशासन की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक इस तरह से शराब के खोखे लगवाने के लिए विभाग से कोई मंजूरी अभी नहीं दी गई है। न ही इसका कोई किराया जमा करवाया जा रहा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बगैर मंजूरी के ये ठेके चल रहे हैं। इन पर प्राधिकरण के इंजीनियरों की तरफ से कार्रवाई नहीं की जा रही है। कुछ प्रमुख जगहें जहां पर खुले ठेके बने चर्चा का विषय - -सेक्टर-46 व 99 के बीव वोडा महादेव मंदिर के सामने, कुछ महीने पहले बनी सड़क के किनारे। -पर्थला फ्लाईओवर के आगे ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वाली सड़क पर बाएं तरफ। -सेक्टर-143 बी में फुटपाथ पर। -सेक्टर-144 में सड़क के किनारे। -सेक्टर-129 विद्युत उपकेंद्र मोड़ पर सर्विस रोड पर। नोएडा प्राधिकरण के प्रभावी नियम- -अस्थाई दुकानें, रेहड़ी-पटरी सिर्फ प्राधिकरण के वेडिंग जोन या अधिकृत की गई जगह पर ही लगेंगी। -सड़क किनारे फुटपाथ पर किसी भी अतिक्रमण को मंजूरी नहीं दी जाएगी। -ग्रीन बेल्ट में खेलकूद, नर्सरी से इतर किसी भी तरह की वाणिज्यिक गतिविधि को मंजूरी नहीं दी जा सकती है। -वाणिज्यिक गतिविधियों को मंजूरी भू-उपयोग के मुताबिक हुए निर्माण में ही दी जाएगी। ऐसा पहले कभी शहर में नहीं हुआ है। शराब की बिक्री वाणिज्यिक है। नोएडा में दुकानों की कमी नहीं है। अगर शराब ठेके सड़कों के फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट की जगह दुकानों में खुलें तो ज्यादा बेहतर होगा। - योगेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, फोनरवा। शराब ठेके पक्के निर्माण में खुलवाए जाएं। सड़क किनारे फुटपाथ पर या ग्रीन बेल्ट में, किसी के घर के पास किसी सेक्टर की मोड़ पर इस तरह से ठेके तो नहीं खुलने चाहिए।- एन पी सिंह, अध्यक्ष, डीडीआरडब्ल्यूए। शराब के ठेके सामान्य दुकानें नहीं हैं। अगर सेक्टर, तिराहे, चौराहों पर इस तरह से खोखों में शराब की दुकानें खुल जाएंगी तो महिला सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारों को विचार करना होगा।- प्रवेश शर्मा, अध्यक्ष, सेक्टर-47 आरडब्ल्यूए प्राधिकरण की नजर में गरीब की रेहड़ी अवैध है उस पर बुलडोजर चल जाता है। लेकिन बड़े ठेकेदारों के शराब के ठेके अवैध नहीं हैं, उनको संरक्षण दिया जा रहा है। -श्याम किशोर गुप्ता, अध्यक्ष, रेहड़ी-पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन आबकारी नीति में अस्थाई प्री-फैब्रिकेटेड ढांचे में जगह न मिलने तक ठेका संचालन की मंजूरी दी गई है। इसके लिए ठेकेदार प्राधिकरण जाते हैं और मंजूरी लेते हैं और उनका किराया भी तय होता है।-सुबोध कुमार श्रीवास्तव, जिला आबकारी अधिकारी आबकारी विभाग की तरफ से पत्र आया है जिसमें अस्थाई निर्माण में शराब ठेकों के संचालन की अनुमति मांगी गई है। लेकिन प्राधिकरण की तरफ से ऐसी कोई अनुमति ठेकों के संचालन के लिए नहीं दी गई है।- वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 08, 2026, 20:10 IST
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