CAPF बिल का विरोध पड़ा भारी: CRPF के DIG निलंबित, 20 अफसरों का तबादला; अधिकारियों को प्रताड़ित करने का आरोप

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ में एक डीआईजी को निलंबित और 20 अफसरों का तबादला कर दिया गया है। डीआईजी बीसी पात्रा, जिन्हें एनएसजी से वापस आने के बाद त्रिपुरा में तैनात किया गया था, उन्हें सीएसएस रूल 10 (1) के तहत सस्पेंड कर उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। महानिदेशालय के एक अधिकारी ने पात्रा के निलंबन व तबादलों को नियमानुसार करार दिया है। वहीं, अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन (एएपीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष एवं सीआरपीएफ के पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने पात्रा और दूसरे अफसरों को जानबूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन से जुड़े पूर्व अफसरों ने कहा कि पात्रा के निलंबन के पीछे मुख्य कारण सीएपीएफ बिल यानी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक का विरोध है। वे कई केसों में याचिकाकर्ता भी रहे हैं। इन अधिकारियों से छिना कमांडेंट का पद कमांडेंट अमित कुमार को कोबरा बटालियन 202 से महानिदेशालय में खुफिया शाखा में लगाया गया है। इन्हें याचिकाकर्ता होना महंगा पड़ा है। महानिदेशालय ने इस तबादले के पीछे प्रशासनिक कारण बताया है। सीओ अशोक कुमार को महानिदेशालय से आरएएफ 83 बटालियन में भेजा गया है। सीओ वी द्विवेदी को 35 वीं बटालियन से नॉर्थ ईस्ट जोन में भेजा गया है। ये भी याचिकाकर्ता रहे हैं। सीओ भवेश चौधरी को 188 बटालियन से जेएंडके जोन व सीओ वी शिवा रामा कृष्णा को 48वीं बटालियन से जीसी नगर भेजा गया है। समीर कुमार श्रीवास्तव को प्रोविजनिंग मुख्यालय से जीसी पीपीएम और जेपी बलाई को 107 आरएएफ से सिलचर में भेजा गया है। श्वेता चौहान टूआईसी को 107 आरएएफ व उनके पति नवीन राणा को जीसी भोपाल से मणिपुर, पी कुमार सिंह को गढ़चिरौली से आरटीसी राजगीर, निसार मोहम्मद को जीसी पिंजौर से कांकेर, विनोद कुमार को 104 आरएएफ से सीआरपी अकादमी गुरुग्राम, विकास सिन्हा को 119 बटा. से आरएपीओ मेरठ, राजेश कुमार को 164 बटा. से जीसी गुरुग्राम व राजीव कुमार को 55 बटा. से आईजी सीएस भेजा गया है। टूआईसी नरेंद्र यादव, प्रमोद चौधरी व दीपेंद्र सिंह राजपूत को मणिपुर, डिप्टी कमांडेंट आशीष को मणिपुर व सहायक कमांडेंट दीपक मिश्रा को मेरठ से मणिपुर में भेजा गया है। ये भी पढ़ें:पंजाब विधानसभा चुनाव:राष्ट्रीय एकता-नशा मुक्ति होगा भाजपा का एजेंडा, दलितों-युवाओं पर रहेगा सबसे अधिक फोकस एसोसिएशन ने इन तबादलों पर भी उठाए सवाल एएपीडब्ल्यूए अध्यक्ष एचआर सिंह ने कहा, पात्रा को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। जिन अफसरों ने सीएपीएफ बिल के खिलाफ आवाज उठाई या वे अपने हकों के लिए अदालतों में लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया गया है। सीआरपीएफ मुख्यालय का यह कदम असांविधानिक है। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, इससे पहले भी कई सीओ, टूआईसी, डीसी और एसी को कथित प्रशासनिक या परिचालनिक कारणों का हवाला देकर दूरवर्ती क्षेत्रों में भेज दिया गया है। डीआईजी पात्रा ने अपने सर्वोच्च कर्तव्यों का निर्वहन किया है। सीआरपीएफ डीजी से आग्रह किया गया है कि डीआईजी पात्रा का निलंबन रद्द किया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो अगले सप्ताह उनके निलंबन के विरोध में एसोसिएशन सड़कों पर उतरेगी।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 24, 2026, 02:09 IST
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