Exclusive: तारिक अनवर बोले- नीतीश के 17 महीने के कार्यकाल में मिली नौकरियों का श्रेय तेजस्वी को क्यों न मिले?

बिहार विधानसभा चुनाव में रोजगार का मुद्दा सबसे गर्म है। जब नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव साथ में सत्ता चला रहे थे, तब लोगों को मिले रोजगार के अवसरों पर श्रेय लेने की होड़ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर इस पर सवाल उठाते हैं। उनका कहना है कि महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव को इसका श्रेय क्यों न मिले अगर नीतीश कुमार के कार्यकाल से तेजस्वी के 17 महीने को हटा दिया जाए तो बाकी रोजगार कहां मिला पढ़ें, तारिक अनवर के साथ विशेष बातचीत के अंश। सवाल- वोट अधिकार यात्रा के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जो उत्साह दिखाई पड़ रहा था, क्या वह अब कम हो गया है तारिक अनवर: देखिए, थोड़ी-सी संवादहीनता रही है। जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई, उन लोगों ने सही ढंग से उसका शायद निर्वाह नहीं किया। जब राहुल जी आए थे, तो लोगों में काफी उत्साह पैदा हुआ था। काफी ऊर्जा आई थी। उसके बाद सब लोग टिकट हासिल करने के प्रयासों में लग गए। इससे जो अटेंशन था, वो बदल गया थोड़ा। लेकिन अब स्थिति बदली है। अभी फिर राहुल जी, प्रियंका जी आए हैं, तो धीरे-धीरे मोमेंटम आ रहा है। हम आगे बढ़े हैं। पहले ऐसा लगा था कि जिस तेज गति के साथ हम आगे बढ़ रहे थे, उसमें एक रुकावट पैदा हुई थी, लेकिन किसी हद तक कंट्रोल हुआ है। सवाल-कई सीटों पर दोस्ताना मुकाबला हो रहा है, तो कहां से स्थितियां सुधरी हुईं नजर आ रही हैं तारिक अनवर: जनता के बीच सामान्य धारणा यह है कि कि लोग बदलाव चाहते हैं। तब्दीली चाहते हैं। टिकट बांटने की प्रक्रिया को लेकर, जो थोड़ा नुकसान हमें हुआ, उसकी धीरे-धीर भरपाई हुई है। पिछली बार 70 में हमें सिर्फ 19 सीटें मिली थीं। वो हमारे लिए बहुत बड़ा झटका था। इस बार भी हमको लगता है कि अगर कांग्रेस का प्रदर्शन ठीक नहीं हुआ, तो फिर नुकसान हो सकता है। इसीलिए हम सब लोग ये चाहते हैं कि आने वाले समय में हमारा प्रदर्शन ठीक हो। जब हम गठबंधन के लिए तालमेल करते हैं तो कुछ 'गिव एंड टेक' करना पड़ता है। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है कि हमारे संगठन में कितनी ताकत और कितनी शक्ति है कि जो मुश्किल सीट को भी जीत में बदल दे। सवाल-भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की तुलना में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यहां उतना सक्रिय नहीं दिखाई पड़ रहा तारिक अनवर: शुरुआत में जो प्रभारी बनाकर भेजे गए, वे उतने अनुभवी नहीं थे, लेकिन हमारे हाईकमान को इस बात का एहसास हुआ और उन्होंने तीन बहुत ही परिपक्व और वरिष्ठ लोगों को यहां भेजा। जैसे अशोक गहलोत जी हैं, हमारे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी हैं। गहलोत जी खासतौर पर पहले से बिहार से वाकिफ हैं, तो उनके आने के बाद काफी हद तक संगठन के अंदर जो असमंजस जैसी स्थिति थी, उसमें परिवर्तन आया है। सवाल-जो कमजोर प्रत्याशी माने जा रहे हैं, उन पर पार्टी की एक पहचान भारी पड़ेगी जब कार्यकर्ता निरुत्साह हो जाए तो उत्साहहीन सेना के साथ विजय कैसे हासिल होगी तारिक अनवर: हम लोग गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस अकेले नहीं लड़ रही है। राजद, वीआईपी, वामपंथी मोर्चा भी हमारे साथ है। अगर सबका साथ होगा, तो फर्क पड़ेगा। मान लीजिए, जहां हमारा संगठन कमजोर है, वहां राजद का संगठन मजबूत हो सकता है। कहीं राजद कमजोर है, तो वहां कांग्रेस उसकी जगह लेगी। गठबंधन का एक स्वरूप शुरुआत में नहीं बन पाया था, अब वो बन चुका है। अब हमारा मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित हो गया है। डिप्टी सीएम उम्मीदवार का नाम भी हमने घोषित कर दिया। उससे लोगों में विश्वास पैदा हुआ है। घोषणा-पत्र में भी हमने हर वर्ग को छूने की कोशिश की है, उनकी समस्या का समाधान करने की कोशिश की है। सवाल-ढाई करोड़ सरकारी नौकरियां कैसे दी जा सकेंगी क्या तेजस्वी श्रेय ले सकते हैं तारिक अनवर: मुश्किल काम जरूर है, लेकिन तेजस्वी यादव जब पिछली बार 17 महीने के लिए उपमुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने इस काम को बखूबी से अंजाम दिया था। करीब पांच लाख लोगों की बहाली हुई। अगर नीतीश कुमार को श्रेय देने की बात है, तो वो 17 महीना अगर आप निकाल दें तो फिर बाकी रोजगार कहां मिला नौजवानों को ये लग रहा है कि शायद इनकी सरकार बनेगी तो बेरोजगारी की समस्या दूर होगी। तेजस्वी जब उपमुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने अध्ययन करने के बाद उन्होंने प्रयास किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो 15 साल से मुख्यमंत्री बने हुए थे। लेकिन उन्होंने कभी इसका प्रयास नहीं किया कि जो जगह खाली है, उन्हें भरा जाए। इसीलिए तेजस्वी को श्रेय मिल रहा है। सवाल-आपको कांग्रेस में लगभग तीन युगों का अनुभव है। अबकी कांग्रेस में नेतृत्व के साथ जो सलाहकार मंडली है, उस पर क्या कहेंगे तारिक अनवर: हर व्यक्ति की एक अपनी छवि होती है। उसका एक अपना सोचने का नजरिया होता है। ये जरूरी नहीं है कि जो इंदिरा गांधी सोचती थीं, बाकी भी वैसे सोचें। राजीव गांधी के बाद सोनिया जी आईं, फिर राहुल जी हैं। सबके काम करने का अंदाज अलग-अलग होता है। सबसे बड़ी चीज है कि अनुभव का एक बहुत महत्व होता है। जो भी सलाहकार हैं, जो भी नेतृत्व के नजदीक हैं, उन्हें कितना अनुभव है और वो कितनी सही सलाह देते हैं, उस पर बहुत कुछ निर्भर करता है। सवाल-पहले कृष्णा अल्लावरू को यहां पर भेजा गया था। अभी भी वो यहां पर हैं। क्या चीजें ठीक हुई हैं तारिक अनवर: मसला टिकट वितरण का था। पार्टी के अंदर जो भी मसला सामने आया, हाईकमान ने उसे संज्ञान में लिया। बीच चुनाव के दौरान नेतृत्व परिवर्तन बहुत मुश्किल होता है। उसका हाईकमान ने एक विकल्प यह बनाया कि वरिष्ठ लोगों को यहां बैठा दिया है। सवाल-एनडीए ने भी स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश जी ही मुख्यमंत्री होंगे तारिक अनवर: नहीं, अभी स्पष्ट नहीं है। उनका जो घोषणा-पत्र पेश किया गया, उसमें इस बात की घोषणा नहीं की गई कि हमारे मुख्यमंत्री आने वाले समय में नीतीश कुमार जी होंगे। जैसे हमने तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा की, वैसी घोषणा उनके लिए नहीं हुई। जब प्रेस से मिल रहे हैं, अपना संकल्प-पत्र दे रहे हैं, तो मीडिया आपसे सवाल करेगा। उस सवाल के लिए वो तैयार नहीं हैं। प्रधानमंत्री की तर्ज पर नीतीश कुमार जी को भी कहा गया है कि आपको प्रेस के साथ किसी तरह का संवाद नहीं करना है। यह तो गलत है। सवाल-क्या आपको लगता है कि तेजस्वी का चेहरा महागठबंधन में स्वीकार होगा जिस जंगलराज की बात कही जाती है, उसका डर क्या अब भी व्याप्त नहीं है तारिक अनवर: ये रिकॉर्ड घिस गया है। लगातार 20 साल से एक ही रिकॉर्ड अगर आप बजाइएगा तो जनता को उससे एलर्जी हो जाती है कि इनके पास कुछ कहने के लिए है ही नहीं। घुमा-फिरा कर वही जंगलराज, जंगलराज। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री वही बोल रहे हैं। हमने छोटी-छोटी पार्टियों को जोड़ा है। हमने सामाजिक गठबंधन बनाने की कोशिश की है। हमें लगता है कि हम सरकार बना लेंगे। इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। सवाल-जो टिकट बांटे गए हैं, उसमें मुस्लिमों की क्या भागीदारी हुई है तारिक अनवर: संभवत: 60 में से 11 टिकट अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को दिए गए हैं। दलित, पिछड़े, अत्यंत पिछड़ों को भी नुमाइंदगी देने की कोशिश की है। यथासंभव ये प्रयास किया गया है कि समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिले। पूरा वीडियो यहां देखें:

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 03, 2025, 20:29 IST
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