Gorakhpur News: अपनों ने घर से निकाला, बस स्टैंड पर बेबस-लाचार मिले बुजुर्ग डॉक्टर
- पत्नी-बेटी पर मारपीट कर घर से निकालने का आरोप- बहाने से रोडवेज बस में बैठाकर भेजा गोरखपुर, बस स्टैंड कर्मियों ने प्रवर्तन दल को दी सूचना- रैन बसेरे में संचालित इस्माइल रोटी संस्था कर रही देखभालपादरी बाजार (गोरखपुर)। उम्र के उस पड़ाव पर जब इंसान को अपनों के सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है, वहां एक बुजुर्ग होम्योपैथिक डॉक्टर अजय पांडेय को पत्नी और बेटी ने घर से निकाल दिया। कुशीनगर के हाटा निवासी 65 वर्षीय अजय पांडेय को मंगलवार को बहाने से रोडवेज बस में बैठाकर गोरखपुर भी भेज दिया गया। बस स्टैंड पर जब वह अकेले और असहाय मिले तो कर्मचारियों ने नगर निगम के प्रवर्तन दल को सूचना दी। टीम उन्हें अपने साथ ले गई और बाद में शाहपुर क्षेत्र के फातिमा बाईपास, बासमंडी स्थित रैन बसेरे में संचालित इस्माइल रोटी संस्था को सौंप दिया। फिलहाल संस्था की टीम उनकी देखभाल कर रही है।अजय पांडेय कुशीनगर के हाटा थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने जौनपुर से बीएचएमएस की पढ़ाई की थी और घर से करीब 10 किलोमीटर दूर बैसही बाजार में लंबे समय तक होम्योपैथिक क्लीनिक चलाया। करीब 10 साल से अस्वस्थ रहने के कारण उन्होंने चिकित्सा प्रैक्टिस छोड़ दी और घर पर रहने लगे। उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटा गुजरात में नौकरी करता है, जबकि एक बेटी की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी मां के साथ रहती है।---54 रुपये का टिकट कटाकर बस में बैठायाबुजुर्ग के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे हाटा बाजार से राजेश नाम के व्यक्ति ने 54 रुपये का रोडवेज बस का टिकट कटाकर और उन्हें यह कहकर गोरखपुर जाने वाली बस में बैठा दिया कि दवा कराने ले जाया जा रहा है। गोरखपुर बस स्टैंड पहुंचने पर उनके साथ कोई नहीं था। अकेले और असहाय बुजुर्ग को देखकर बस स्टैंड कर्मियों ने नगर निगम प्रवर्तन दल को जानकारी दी। सूचना पर पहुंची टीम ने उन्हें तत्काल संरक्षण में लिया और सीनियर सिटीजन केयर में पहुंचाया। बाद में इस्माइल रोटी संस्था के बारे में जानकारी मिलने पर प्रवर्तन दल ने संस्था के संचालक आजाद पांडेय से संपर्क किया। शाम को बुजुर्ग डॉक्टर को संस्था को सौंप दिया गया।--चाय बनाने को कहा तो बोले- हम आपके नौकर नहींरैन बसेरे में देखभाल के दौरान अजय पांडेय भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी और छोटी बेटी उनके साथ मारपीट करती हैं। बताया कि वह चलने-फिरने में अस्वस्थ हैं और शुगर व बीपी की दवाएं लेते हैं। उनके अनुसार, सोमवार को उन्होंने बेटी से सिर्फ एक कप चाय बनाने के लिए कहा था। इस पर बेटी ने कहा कि हम आपके नौकर नहीं हैं। इसके अगले दिन उन्हें बस में बैठाकर गोरखपुर भेज दिया गया।---लोगों को स्वस्थ करने वाले डॉक्टर आज खुद बेसहाराअजय पांडेय ने वर्षों तक मरीजों का इलाज कर लोगों को स्वस्थ किया। बीमारी के कारण प्रैक्टिस छोड़ने के बाद उन्हें परिवार से सहारे की उम्मीद थी, लेकिन अब वह अपने ही लोगों से दूर रैन बसेरे में रहने को मजबूर हैं। फिलहाल इस्माइल रोटी संस्था के संचालक आजाद पांडेय और उनकी टीम बुजुर्ग डॉक्टर की सेवा में जुटी है। घटना ने परिवार और समाज में बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
#AccusedOfAssaultingWifeAndDaughterAndDrivingThemOutOfTheHouse. #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 26, 2026, 02:52 IST
Gorakhpur News: अपनों ने घर से निकाला, बस स्टैंड पर बेबस-लाचार मिले बुजुर्ग डॉक्टर #AccusedOfAssaultingWifeAndDaughterAndDrivingThemOutOfTheHouse. #VaranasiLiveNews
