Shimla News: आत्महत्या मामले में आरोपी बरी

अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में रहा विफलसंवाद न्यूज एजेंसीमंडी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-प्रथम मंडी की अदालत ने आठ वर्ष पुराने आत्महत्या के एक मामले में आरोपी को आरोपमुक्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद नीट/पीएमटी की कोचिंग कर रही युवती को आरोपी कथित रूप से परेशान और धमका रहा था, जिसके चलते उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर चालान पेश किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगने से दम घुटना बताया गया। अभियोजन पक्ष ने कुल 18 गवाह पेश किए, जिनमें मृतका के परिजन और पुलिस व चिकित्सकीय अधिकारी शामिल रहे। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मामले में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। कथित उत्पीड़न के समर्थन में कोई स्वतंत्र गवाह सामने नहीं आया। इसके अलावा रिकॉर्ड पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और परिस्थितियां अभियोजन की कहानी का स्पष्ट समर्थन नहीं करतीं। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को आईपीसी की धारा 306 के आरोप से बरी कर दिया।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 31, 2025, 16:52 IST
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