UP News: आधार बना जरिया, अपनों से मिले... अरसे से बिछड़े लोग, बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद कारगर साबित हुआ
आधार कार्ड अपनों से बिछड़े लोगों को मिलाने का भी जरिया बन गया है। ऐसे लोग जो मानसिक रूप से कमजोर थे या वे बच्चे जिनकी उम्र कम थी और घर से दूर हो गए थे। वह न तो परिवारीजनों के बारे में कुछ जानकारी दे पा रहे थे और न ही अपना पता बता पा रहे थे। ऐसे लोगों के लिए आधार कार्ड बेहद कारगर साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में 466 खोए हुए लोगों को आधार की मदद से उनके परिवारों से मिलाया गया। यूआईडीएआई के उपमहानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि शेल्टर होम, बालगृहों व अन्य आश्रय केंद्रों पर आधार कैंप लगाए जाते हैं। इसमें पांच साल से ऊपर वालों का आधार बनाने की प्रक्रिया की जाती है। इसमें जिनका आधार पहले से बना होता है, उनका आवेदन निरस्त हो जाता है। तब उसके आधार की डिटेल निकाली जाती है। इससे उसका नाम, पता व मोबाइल नंबर मिल जाता है। तब आसानी से उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में दो, वर्ष 2020-21 में 95, वर्ष 2022 में 48, वर्ष 2023 में 46, वर्ष 2024 में 152 और 2025 में 123 बिछड़े लोगों को आधार के जरिये उनके अपनों से मिलाया गया। इसमें सबसे अधिक 125 लोग वाराणसी के शेल्टर होम के थे। इनमें लखनऊ के 56 लोग शामिल हैं, जिनके परिजनों की तलाश की गई। बच्चों का आधार जरूर अपडेट कराएं उपमहानिदेशक ने कहा कि पांच साल से पहले जिन बच्चों का आधार कार्ड बनता है, उसमें सिर्फ उसकी फोटो खींची जाती है। पांच साल पूरा होने के बाद उनका बायोमीट्रिक लिया जाता है। अपडेट होने से पूरा विवरण आसानी से मिल जाता है। जिन बच्चों की उम्र पांच साल पूरी हो चुकी है उनका आधार जरूर अपडेट कराएं। इसमें लापरवाही न बरतें।
#CityStates #Lucknow #UttarPradesh #AadhaarCard #MissingPersons #FamilyReunion #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 06, 2026, 11:25 IST
UP News: आधार बना जरिया, अपनों से मिले... अरसे से बिछड़े लोग, बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद कारगर साबित हुआ #CityStates #Lucknow #UttarPradesh #AadhaarCard #MissingPersons #FamilyReunion #VaranasiLiveNews
