Uttarakhand: राज्य गठन के बाद आयोग ने तीसरी बार नहीं बढ़ाई बिजली दरें, 2003 में जारी हुआ था पहला टैरिफ आदेश

राज्य गठन के बाद तीसरी बार ऐसा हुआ है जब उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की। इससे पहले आयोग वर्ष 2006-07 और 2014-15 में बिजली दरों में शून्य बढ़ोतरी की थी।राज्य गठन होने के बाद नियामक आयोग ने पहला टैरिफ ऑर्डर वर्ष 2003 में जारी किया था। उस वक्त आयोग ने आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई फिक्स चार्ज नहीं रखा था। खपत के हिसाब से बिजली दरें 1.80 से 2.50 रुपये प्रति यूनिट तक रखीं थीं। कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए दरें तीन से साढ़े तीन रुपये, सरचार्ज समेत कई श्रेणियों में दरें घटाते हुए टैरिफ आदेश जारी हुआ था। इसके बाद हर साल कुछ बढ़ोतरी होती रही। वर्ष 2006-07 में आयोग ने शून्य टैरिफ बढ़ोतरी की थी। इसके बाद वर्ष 2014-15 और अब 2026-27 के लिए आयोग ने शून्य बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। वहीं, वर्ष 2009-10 में बिजली दरों में सर्वाधिक 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 01, 2026, 07:15 IST
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