Una News: सरकारी संपत्ति बनी विज्ञापनों का अड्डा
घनारी(ऊना)। गगरेट क्षेत्र में सड़कों के किनारे लगे बिजली बोर्ड के खंभे अब बिजली आपूर्ति के बजाय खुलेआम विज्ञापन टांगने का अड्डा बन चुके हैं। हालत यह है कि निजी स्कूलों और व्यापारिक संस्थानों ने सरकारी संपत्ति को अपनी निजी प्रचार दीवार समझ रखा है। इसके अलावा जिम्मेदार बोर्ड सब कुछ देखते हुए भी आंखें मूंदे बैठा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई लाइनों के खंभों पर जिस तरह से विज्ञापन टांगे गए हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि नियम-कानून केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर किसकी शह पर सरकारी खंभों को विज्ञापन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बोर्ड के अधिकारी खुद मानते हैं कि बिजली के खंभों पर विज्ञापन लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित और जोखिमपूर्ण है। फिर भी महीनों से लटक रहे इन विज्ञापनों को हटाने की जहमत तक नहीं उठाई गई। इससे साफ संकेत मिलता है कि या तो बोर्ड जानबूझकर अनदेखी कर रहा है या फिर जिम्मेदार लोगों की कार्यप्रणाली पूरी तरह सुस्त पड़ चुकी है। सरकारी संपत्ति पर इस तरह का खुला अतिक्रमण न केवल नियमों को अनदेखा कर रहा है। बल्कि आम जनता की सुरक्षा से भी खिलवाड़ कर रहा है। यह विज्ञापन बोर्ड हादसे की वजह बन सकते हैं लेकिन बोर्ड की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। बोर्ड के खंभे अब बिजली से ज्यादा निजी संस्थानों के प्रचार का साधन बनकर रह गए हैं। एसडीओ मंगल चौधरी ने कहा कि इस तरह खंभों पर विज्ञापन बोर्ड लगाना गलत है। इस तरह विज्ञापन बोर्ड लगाने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 01, 2026, 23:41 IST
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