Chaitra Navratri: शक्तिशाली राजसत्ता की देवी मां पीतांबरा, चीन-पाकिस्तान युद्ध में जीत के लिए यहीं हुआ था यज्ञ
मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित मां पीतांबरा पीठ जो देश में सबसे शाक्तिशाली पीठों में से एक है। जहां राजाशाही से लेकर, नौकरशाह देवी की आरधाना करने के लिए सात समंदर पार तक से आते हैं। पीतांबरा शक्तिपीठ में मां बगलामुखी का रूप रक्षात्मक है और इन्हें राजसत्ता की देवी माना जाता है। इसी रूप में भक्त उनकी आराधना करते हैं। राजसत्ता से जुड़े नेता यहां आकर गुप्त रूप से पूजा करते हैं। पीतांबरा पीठ की शक्ति का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि 1962 में चीन ने जब भारत पर हमला किया तो दूसरे देशों ने सहयोग देने से मना कर दिया। उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को किसी ने दतिया के पीतांबरा पीठ में यज्ञ करने की सलाह दी। उस समय पंडित नेहरू दतिया आए और स्वामी ने देश के लिए मंदिर में यज्ञ किया। देश की रक्षा के लिए पीतांबरा पीठ में 51 कुंडीय महायज्ञ कराया गया और इसमें कई अफसरों और फौजियों ने आहुति डाली। 11वें दिन अंतिम आहुति डालते ही चीन ने बॉर्डर से अपनी सेनाएं वापस बुला लीं। उस समय बनाई गई यज्ञशाला पीठ में आज भी मौजूद है। उसके बाद जब भी देश के ऊपर संकट आया है, तब गोपनीय रूप में पीतांबरा पीठ में साधना व यज्ञ का आयोजन होता है। केवल भारत-चीन युद्ध ही नहीं, बल्कि 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भी दतिया के शक्तिपीठ में विशेष अनुष्ठान किया गया। कारगिल युद्ध के समय भी अटल बिहारी वाजपेयी की ओर पीठ में एक यज्ञ का आयोजन किया गया और आहुति के अंतिम दिन पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा। ये भी पढ़ें-Chaitra Navratri:बुंदेलखंड का वो रहस्यमयी मंदिर, जहां डाकू भी झुकाते थे सिर; हर साल बढ़ रही है माता की चट्टान
#CityStates #MadhyaPradesh #Datia #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 21, 2026, 17:03 IST
Chaitra Navratri: शक्तिशाली राजसत्ता की देवी मां पीतांबरा, चीन-पाकिस्तान युद्ध में जीत के लिए यहीं हुआ था यज्ञ #CityStates #MadhyaPradesh #Datia #VaranasiLiveNews
