चारा घोटाला: 30 साल बाद गिरफ्तार फरार आरोपी सत्येंद्र कुमार, लखनऊ से पकड़कर रांची में जेल भेजा गया

बहुचर्चित चारा घोटाले में करीब 30 साल से फरार चल रहे आरोपी सत्येंद्र कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया है। 64 वर्षीय सत्येंद्र को लखनऊ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया गया। यहां सीबीआई की विशेष अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद आरोपी को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में दाखिल करा दिया गया। सत्येंद्र कुमार पर सरकारी कोषागार से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये की निकासी से जुड़े चारा घोटाले में शामिल होने का आरोप है। घोटाले में नाम सामने आने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब करीब तीन दशक पुराने मामले में आगे की अदालती कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है। लखनऊ रेलवे स्टेशन से हुई गिरफ्तारी सीबीआई की टीम ने आरोपी आपूर्तिकर्ता सत्येंद्र कुमार को मध्यरात्रि लखनऊ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच एजेंसी उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची लेकर पहुंची और सीबीआई की विशेष अदालत के प्रभारी न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार के समक्ष पेश किया। अदालत ने उसे चारा घोटाले से जुड़े केस संख्या आरसी 56ए/1996 में न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता स्वरूप सिन्हा के अनुसार, अदालत में फिलहाल आरोपी को इसी मामले में न्यायिक हिरासत में लिया गया है। अदालती अवकाश समाप्त होने और अदालत दोबारा खुलने के बाद सीबीआई उसे अन्य संबंधित मामलों में भी पेश करेगी। इसके बाद उन मामलों में रिमांड पर लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। चारा घोटाले के तीन से चार मामलों में आरोपी सत्येंद्र कुमार चारा घोटाले में आपूर्तिकर्ता की भूमिका निभाता था। वह तीन से चार मामलों में आरोप-पत्रित अभियुक्त है। इनमें आरसी 52ए/1996 और आरसी 57ए/1996 जैसे मामले भी शामिल हैं। लंबे समय तक अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। साथ ही, उसका मामला अन्य आरोपियों की सुनवाई से अलग कर दिया गया था। अब गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ लंबित कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। जिन मामलों में आरोपी है, उनमें दूसरे दोषियों को मिल चुकी सजा रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत चारा घोटाले से जुड़े कुल 53 मामलों की सुनवाई पूरी कर चुकी है। इन मामलों में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सहित कई राजनीतिक हस्तियों को भी अभियुक्त बनाया गया था। अदालत इन मामलों में सुनवाई पूरी करने के बाद संबंधित आरोपियों को सजा सुना चुकी है। सत्येंद्र कुमार जिस मामले में नामजद आरोपी है, उसकी सुनवाई भी पूरी हो चुकी है और अन्य आरोपियों को सजा दी जा चुकी है। हालांकि, सत्येंद्र के लंबे समय तक फरार रहने के कारण उसके मामले को अलग कर दिया गया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सीबीआई ने पक्ष रखने के लिए नियुक्त किए थे सात विशेष लोक अभियोजक चारा घोटाले से जुड़े मामलों में सीबीआई का पक्ष मजबूती से रखने के लिए सात विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किए गए थे। इनमें शिव कुमार काका, एसआर दास, जेएन सिंह, रविशंकर, बीएमपी सिंह, एसके लाल और राकेश प्रसाद शामिल थे। करीब तीन दशक तक फरार रहने के बाद सत्येंद्र कुमार की गिरफ्तारी को चारा घोटाले से जुड़े पुराने मामलों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब अदालत में उसकी पेशी और संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 25, 2026, 05:15 IST
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