चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी तबाही, 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया

चक्रवात अर्नब के कारण दक्षिणी ओडिशा में भारी से बेहद भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। लगातार बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को बताया कि चक्रवात के प्रभाव से प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों से 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते राहत पहुंचाना है। प्रशासन को आशंका है कि दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में चक्रवात का असर अधिक हो सकता है, जिनमें मलकानगिरी सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और नबरंगपुर में भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का अभियान चलाया जा रहा है। चक्रवात और भारी बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। ओडिशा के 30 में से 16 जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए, ताकि बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लोगों को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए 2,037 चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार रखे गए हैं। इन केंद्रों में भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाई जाए। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। इधर, चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश में भी देखने को मिला है। राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत कर नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की सहायता जारी रखने की भी मांग की। मुख्यमंत्री के अनुसार, शुरुआती आकलन में करीब 80 मकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इनमें से अधिकतर मकान कोनसीमा जिले में स्थित हैं। चक्रवात के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। सड़कों पर 220 से अधिक पेड़ गिरने की सूचना मिली, जिनमें से 170 से ज्यादा पेड़ों को हटाया जा चुका है। तटीय जिलों के कुछ हिस्सों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। राहत और बहाली के लिए संबंधित टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन का ध्यान सड़क संपर्क बहाल करने, बिजली आपूर्ति सुचारु करने और प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने पर है। आने वाले दिनों में बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखी जाएगी। दोनों राज्यों में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 29, 2026, 02:16 IST
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