कोलंबिया में ड्रोन हमला: उत्तरी कोलंबिया में सैन्य अड्डे पर निशाना, तीन सैनिक बलिदान, कई घायल; राष्ट्रपति सख्त

कोलंबिया में हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तरी कोलंबिया के सांता रोजा डेल सुर इलाके में शनिवार को एक सैन्य अड्डे को ड्रोन से निशाना बनाया गया। इस हमले में तीन सैनिकों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। कोलंबियाई सेना ने एक बयान जारी कर हमले की पुष्टि की है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे किस संगठन का हाथ है। सोने की खदानों वाले इलाके में लंबे समय से संघर्ष सांता रोजा डेल सुर सैन लुकास पर्वत श्रृंखला के पास बसा एक छोटा कस्बा है। इसके आसपास का इलाका सोने की खदानों के लिए जाना जाता है। यहां लंबे समय से कई हथियारबंद गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इनमें गल्फ क्लैन, नेशनल लिबरेशन आर्मी (ELN) और FARC के पूर्व लड़ाकों के छोटे गुट शामिल हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सैन्य अड्डे पर तीन धमाके होते दिखाई दे रहे हैं। धमाकों के बाद वहां से धुएं का गुबार उठता नजर आता है। इस दौरान सैनिक रेत की बोरियों से बने सुरक्षित ठिकानों में छिपकर अपनी जान बचाते दिख रहे हैं। राष्ट्रपति ने हमलावरों को दी कड़ी चेतावनी हमले के बाद राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सपर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस हमले के जिम्मेदार लोगों को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सैनिकों पर होने वाले हमले देश की सुरक्षा के लिए सरकार के इरादों को और मजबूत करते हैं। शांति वार्ता खत्म होने के बाद बढ़ी हिंसा अगस्त में सत्ता संभालने के बाद से राष्ट्रपति डे ला एस्प्रिएला ने विद्रोही संगठनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उनकी सरकार ने कई विद्रोही गुटों के साथ चल रही शांति वार्ता खत्म कर दी है। इसके बाद सेना ने हवाई हमले तेज किए हैं और कुछ शहरों में सैन्य तैनाती बढ़ाई है। सरकार ने तेल पाइपलाइन जैसी महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा के लिए विशेष संयुक्त बल भी बनाए हैं। ड्रग गिरोहों और विद्रोही गुटों के हमले तेज सरकार की सख्ती के जवाब में ड्रग तस्करी से जुड़े गिरोहों और विद्रोही संगठनों ने भी सेना और पुलिस को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। पिछले सप्ताह टोलिमा प्रांत में एक सैन्य अड्डे पर गैस सिलेंडर से बने रॉकेट दागे गए थे। इस हमले में चार आम नागरिकों की जान चली गई। वहीं, सीमावर्ती शहर कुकुटा में पुलिस पर रिमोट से चलने वाले बमों से कई हमले किए गए। FARC के बिखरने के बाद भी नहीं थमा संघर्ष साल 2016 में कोलंबिया सरकार और FARC के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ था। इसके तहत 14 हजार से ज्यादा लड़ाकों ने हथियार छोड़ दिए और संगठन के पूर्व सदस्यों को राजनीतिक दल बनाने का रास्ता मिला। लेकिन बाद में कुछ गुटों ने समझौते से दूरी बना ली। अब ये गुट उन इलाकों पर कब्जे के लिए आपस में लड़ रहे हैं, जिन्हें FARC के लड़ाकों ने खाली किया था। इन इलाकों में अवैध वसूली और ड्रग्स का कारोबार भी बड़े पैमाने पर होता है। ये भी पढ़ें:पोलैंड गोलीकांड में खुलासा: हमलावर के घर मिले तीन शव, प्रधानमंत्री टस्क बोले- परिवार के करीबी हो सकते हैं मृतक विस्फोटक हमलों में 9 फीसदी की बढ़ोतरी संघर्षों पर नजर रखने वाली संस्था ACLED के आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को खत्म हुए चार हफ्तों में कोलंबिया में सरकारी बलों और अवैध हथियारबंद संगठनों ने बम और विस्फोटकों से जुड़े 34 हमले किए। यह संख्या पिछले साल की इसी अवधि के चार हफ्तों के औसत से 9 फीसदी ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि सरकार की सख्ती के बावजूद देश के ग्रामीण इलाकों में हिंसा लगातार बढ़ रही है।

#World #International #Colombia #DroneAttack #MilitaryBase #DeathOfThreeSoldiers #AbelardoDeLaEspriella #Farc #GulfClan #NationalLiberationArmy #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 08, 2026, 01:00 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




कोलंबिया में ड्रोन हमला: उत्तरी कोलंबिया में सैन्य अड्डे पर निशाना, तीन सैनिक बलिदान, कई घायल; राष्ट्रपति सख्त #World #International #Colombia #DroneAttack #MilitaryBase #DeathOfThreeSoldiers #AbelardoDeLaEspriella #Farc #GulfClan #NationalLiberationArmy #VaranasiLiveNews