पुदुचेरी चुनाव: शांत अंदाज और भरोसे के साथ मैदान में नजर आ रहे सीएम रंगासामी, दो सीटों से आजमा रहे किस्मत

पुदुचेरी विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने चरम पर है, लेकिन इस राजनीतिक गर्मी के बीच ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के संस्थापक और मुख्यमंत्री एन रंगासामी अपने शांत, संयमित और सादगीपूर्ण अंदाज से अलग पहचान बना रहे हैं। 75 वर्षीय रंगासामी सफेद धोती और कुर्तेनुमा लंबी शर्ट में घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं और खुद ही सरकार की उपलब्धियों के पर्चे बांटते नजर आते हैं। करीब चार दशक लंबे राजनीतिक करियर वाले रंगासामी इस बार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश में हैं। वे थट्टांचावडी और मंगलम दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। कानून की पढ़ाई कर चुके और अविवाहित रंगासामी की राजनीति में जड़ें कांग्रेस से जुड़ी रही हैं, लेकिन 2011 में उन्होंने अपनी पार्टी AINRC बनाकर अलग पहचान बनाई। जन-संपर्क बना जन-सुनवाई का मंच उनका चुनाव प्रचार कई जगहों पर जन-सुनवाई में बदल जाता है। लोग सीधे मुख्यमंत्री से अपनी समस्याएं साझा करते हैं किसी ने अपने समुदाय को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग की, तो किसी ने आवास पट्टा की। रंगासामी अपने अभियान वाहन से ही हर मांग को धैर्यपूर्वक सुनते हुए जवाब देते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि उनकी सरकार बनने पर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। शांत स्वभाव और जमीनी जुड़ाव चाहे वोट मांगना हो, जनता से संवाद करना हो या राजनीतिक विरोधियों पर टिप्पणी रंगासामी हर स्थिति में बेहद संयमित और नरम भाषा का इस्तेमाल करते हैं। यही वजह है कि समर्थक उन्हें वाझुम कामराज (जीवित कामराज) और मक्कलिन मुथलवर (जनता के मुख्यमंत्री) जैसे नामों से पुकारते हैं। स्थानीय लोगों के बीच उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो आमंत्रण ठुकराते नहीं और लोगों के सुख-दुख में शामिल होते हैं। आध्यात्मिक छवि और अनुशासन रंगासामी की छवि एक आध्यात्मिक नेता की भी है। वे संत अप्पा पैथियम स्वामीगल के भक्त हैं और हमेशा माथे पर भस्म लगाए रहते हैं। उनके चुनाव प्रचार वाहन और प्रचार सामग्री में उनके गुरु की तस्वीर प्रमुखता से दिखाई देती है। स्थानीय लोग उनकी दिनचर्या से भी भली-भांति परिचित हैं मंदिर में प्रार्थना का समय, मौन व्रत का पालन और अन्नदान का आयोजन सब कुछ लोगों को याद रहता है। इलाके में गहरी पकड़ उनके आवासीय इलाके थिलासपेट और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को उनकी दिनचर्या तक की सटीक जानकारी है। यहां तक कि स्थानीय लोग यह भी बता देते हैं कि किस समय वे कहां मिलेंगे और कई बार यह जानकारी बिल्कुल सही साबित होती है। यह उनकी जमीनी पकड़ और जनता से करीबी संबंध का संकेत माना जाता है। राजनीतिक सफर और सामाजिक आधार वन्नियार समुदाय से आने वाले रंगासामी पहली बार 2001 में मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद 2006-08, 2011 और 2021 में भी उन्होंने यह पद संभाला। उनके समर्थक उन्हें एक अनुशासित और सरल नेता के रूप में देखते हैं, जबकि आलोचक उनकी सॉफ्ट शैली को राजनीतिक चुनौती भी मानते हैं। चुनावी समीकरण और मुकाबला पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होना है। 30 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ AINRC 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी भाजपा 10 सीटों पर मैदान में है। AIADMK और LJK दो-दो सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं विपक्षी खेमे में कांग्रेस 16 सीटों, डीएमके 13 सीटों और वीसीके एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा छह कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार भी विभिन्न सीटों पर ताल ठोक रहे हैं। कड़ा मुकाबला, लेकिन भरोसे पर दांव राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस बार मुकाबला कड़ा है, लेकिन रंगासामी अपनी सादगी, व्यक्तिगत संपर्क और भरोसे की राजनीति के दम पर एक बार फिर सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। चुनावी शोर के बीच उनका शांत अंदाज ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है।

#IndiaNews #National #PuducherryElection #NRangaswamy #VidhanSabhaElection #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 06, 2026, 10:50 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




पुदुचेरी चुनाव: शांत अंदाज और भरोसे के साथ मैदान में नजर आ रहे सीएम रंगासामी, दो सीटों से आजमा रहे किस्मत #IndiaNews #National #PuducherryElection #NRangaswamy #VidhanSabhaElection #VaranasiLiveNews