रीना भट्टी ने अबी गामिन पर तिरंगा फहराया, 23 पर्वत चोटियां कीं फतह

हरियाणा के हिसार जिले के बालक गांव की बेटी और विख्यात पर्वतारोही हिमपुत्री रीना भट्टी ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। रीना भट्टी ने 17 सितंबर 2026 को 7,355 मीटर ऊंचे अबी गामिन टेक्निकल पीक को सफलतापूर्वक फतह कर तिरंगा फहराया। अभियान में उन्होंने सिविलियन टीम लीडर की भूमिका निभाई और कठिन परिस्थितियों के बीच अपने अदम्य साहस, मजबूत इच्छाशक्ति और पर्वतारोहण कौशल का परिचय दिया। माउंट कामेट और अबी गामिन उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित हिमालय की दुर्गम चोटियों में शामिल है उत्तर-पूर्व में स्थित है। इसकी ऊंचाई करीब 7,355 मीटर है। रीना भट्टी के अनुसार, यह अभियान आईटीबीपी, भारतीय सेना एवं अर्जेंटीना का सयुंक्त तथा आरटी और सिविलियन के मिशन के रूप में आयोजित किया गया था। अभियान में सिविलियन टीम के 12 सदस्य शामिल थे, जिनमें रीना भट्टी अकेली महिला सदस्य थीं। उन्होंने सिविलियन टीम की अगुवाई करते हुए बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चोटी तक पहुंचकर सफलता हासिल की। रीना की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एक स्वतंत्र सिविलियन पर्वतारोही के रूप में इस तकनीकी चोटी को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला होने का गौरव हासिल किया है। सिविलियन टीम की टीम लीडर रहीं रीना भट्टी सिविलियन टीम में कुल 12 सदस्य, रीना अकेली महिला सदस्य थीं। आईटीबीपी, भारतीय सेना एवं अर्जेंटीना संयुक्त और आरटी के साथ साथ सिविलियन मिशन में भी रीना अकेली महिला सदस्य रहीं। बेस कैंप की ओर कठिन चढ़ाई के दौरान उन्होंने करीब 9 se 11 घंटे लगातार प्रतिदिन पैदल चलकर दूरी तय की। पांच दिन तक भोजन के बिना जारी रखा संघर्ष अबी गामिन अभियान के दौरान रीना भट्टी को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, कैंप-3 से कैंप-5 तक करीब पांच दिन तक पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं हो सका। कई घंटों तक पानी की भी भारी कमी रही। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कठिन चढ़ाई जारी रखते हुए लक्ष्य हासिल किया। 17 सितंबर को रचा नया पर्वतारोहण अध्याय, कई खिताफ पहली भारतीय होने के नाम 17 सितंबर 2026 को रीना भट्टी ने अबी गामिन टेक्निकल पीक को फतह कर जीत का खिताफ अपने नाम किया। इससे पहले भी वह माउंट एवरेस्ट और माउंट ल्होत्से पर 20 घंटे 50 मिनट के अभियान में तिरंगा फहराने की पहली भारतीय महिला बनने की उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। रीना के अनुसार, अब तक वह 23 पर्वत चोटियों को फतह कर चुकी हैं। बालक गांव की बेटी ने संघर्ष को बनाया ताकत हिमपुत्री रीना भट्टी मूल रूप से हिसार जिले के बालक गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता ट्रैक्टर मैकेनिक हैं। परिवार में दो भाई और एक बड़ी बहन हैं। मां के निधन के बाद रीना को जीवन में गहरा आघात लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। मुश्किल दौर से उबरकर उन्होंने अपने हौसले को मजबूत किया और पर्वतारोहण के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां हासिल करती चली गईं। अबी गामिन की दुर्गम चोटी पर सफलता उनकी इसी जिजीविषा, साहस और संघर्ष की नई मिसाल है।

रीना भट्टी ने अबी गामिन पर तिरंगा फहराया, 23 पर्वत चोटियां कीं फतह #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 29, 2026, 13:25 IST
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