रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे कर्मचारी

जींद। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन का शनिवार को डिपो कार्यालय में बैठक हुई। इसमें रोडवेज के निजीकरण, सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने, पुरानी पेंशन बहाल करने और कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर चर्चा की गई। वहीं शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। राज्य महासचिव सुमेर सिवाच और राज्य कार्यालय सचिव सतबीर ने कहा कि 13 और 14 नवंबर को राज्य के त्रिवार्षिक प्रतिनिधि सम्मेलन होगा। इसको लेकर कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। इसमें निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को लेकर भी विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी संगठनों को एकजुट करके आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा और रोडवेज का निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 जून को परिवहन मंत्री के साथ हुई वार्ता में रोडवेज के बेड़े में 500 नई बसें शामिल करने की घोषणा की गई थी। कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति जताते हुए 40 दिन में दोबारा बैठक करने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बावजूद मांगें लागू करने के बजाय विभाग में निजी बसों को परमिट दिए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान नहीं करती तो राज्य सम्मेलन में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने लंबित बोनस और रात्रि ठहराव का भुगतान करने, खाली पदों पर पदोन्नति करने, 2016 के चालकों सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और अर्जित अवकाश की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई।

रोडवेज के निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे कर्मचारी #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 24, 2026, 14:52 IST
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