भारत के लिए खुशखबरी: एक महीने और खरीद सकेंगे रूसी तेल; ट्रंप प्रशासन ने बढ़ाई छूट, जानें कैसे होगा फायदा
वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर लगी छूट को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पहले इस छूट को आगे न बढ़ाने के संकेत दिए गए थे। अब इस कदम को ट्रंप प्रशासन का बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है। 16 मई तक बढ़ाई गई छूट अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने देर रात नया लाइसेंस जारी कर बताया कि अब देशों को 16 मई तक समुद्री मार्ग से रूसी तेल को खरीदने की अनुमति होगी। इससे पहले यह छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो चुकी थी।हालांकि, इस लाइसेंस में ईरान, क्यूबा और उत्तर कोरिया से संबंधित किसी भी लेन-देन को शामिल नहीं किया गया है। The U.S. Department of the Treasury's Office of Foreign Assets Control (OFAC) has extended a waiver from sanctions to allow countries to buy Crude Oil and Petroleum Products of Russian Federation Origin Loaded on vessels until 16th May 2026. pic.twitter.com/bWs0gqfr7Rmdash; ANI (@ANI) April 18, 2026 इस फैसले का मकसद वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करना है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। इससे पहले अमेरिका ने 5 मार्च से भारत सहित कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए अस्थायी राहत दी थी। बाद में यह छूट अन्य देशों तक भी बढ़ाई गई थी, जिसकी अवधि 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी। ये भी पढ़ें:-US Iran Talk:अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत इसी सप्ताहांत हो सकती है, राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए संकेत भारत को कैसे होगा फायदा इस फैसले से भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने में आसानी होगी। भारत पहले ही रूस से बड़े पैमाने पर तेल आयात कर रहा है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने भरोसा दिलाया है कि रूस भारत को कच्चा तेल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई और बढ़ाएगा। उन्होंने भारत को एक विश्वसनीय साझेदार बताया। एक यूरोपीय थिंक टैंक के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में रूस से भारत का कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ा है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में भारत ने रूस से 5.8 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा, जो फरवरी के 1.54 अरब डॉलर की तुलना में तीन गुना से अधिक है। मार्च 2022 के बाद से, नई दिल्ली रूसी तेल के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरी है। 2024 में, भारत ने रूस से प्रतिदिन लगभग 20 लाख बैरल तेल खरीदा, जबकि पिछले साल यह आयात लगभग 44 अरब डॉलर का था। अमेरिकी सांसदों की नाराजगी हालांकि, अमेरिका के इस फैसले पर कुछ अमेरिकी सांसदों ने कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने पहले कहा था कि अमेरिका रूसी तेल के लिए दी गई छूट को नवीनीकृत नहीं करेगा। सांसदों का तर्क था कि इस तरह की छूटों से ईरान और रूस जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं को फायदा पहुंच सकता है, खासकर जब रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में शामिल है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 18, 2026, 08:17 IST
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