पंजाब में पंथक मुद्दे पीछे: अमित शाह की एंट्री से गरमाई राजनीति, 2027 की जंग में नशा बनेगा सबसे बड़ा मुद्दा?

पंजाब की राजनीति में अब पंथक मुद्दों की जगह नशे का मुद्दा केंद्र में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मैदान में आने से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नशे को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है, जिससे आम आदमी पार्टी, अकाली दल और कांग्रेस मुश्किल में घिर गई हैं। वहीं अमित शाह के पंजाब दौरे से पंजाब में नशे के मुद्दे पर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। एक समय था जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी, लापता पावन स्वरूपों और धार्मिक विवादों जैसे पंथक मुद्दे सियासत की दिशा तय करते थे। सरकारों को धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना पड़ता था। अब नशा, गैंगस्टरवाद, हत्याएं और कानून-व्यवस्था के सवाल राजनीतिक बहस के केंद्र में आ रहे हैं। अमित शाह का बीस दिन के भीतर फिर पंजाब आना दर्शाता है कि भाजपा इस मुद्दे को मतदान के दिन तक बनाए रखेगी। पंथक मुद्दों की राजनीतिक ताकत धार्मिक भावनाओं और सिख संस्थाओं से जुड़ी रही है। हालांकि, जब आम परिवारों के सामने नशे, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य का सवाल खड़ा होता है, तो राजनीतिक प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या जैसे मामलों ने सुरक्षा और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 21, 2026, 05:00 IST
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