म्यूचुअल फंड गिफ्ट कार्ड: अब उपहार में दीजिए सुनहरे भविष्य की चाबी, निवेश की पहली सीढ़ी की तरह करेगा काम

मान लीजिए आपके छोटे भाई का जन्मदिन है या भतीजे की शादी। आप लिफाफे में 1,100 या 5,100 रुपये रखकर थमा देते हैं। दो दिन बाद पूछिए तो पता चलता है कि वह पैसा या तो पार्टी में उड़ गया या किसी गैर-जरूरी सामान में खर्च हो गया। 24 मार्च, 2026 को, पूंजी बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड की खरीद के लिए गिफ्ट कार्ड/गिफ्ट प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs) शुरू करने के लिए एक परामर्श पत्र जारी किया। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को गिफ्ट कार्ड खरीदने और उसे पारंपरिक उपहारों की तरह दूसरों को देने की अनुमति देना है। यह कैसे काम करेगा सारांश अपनी बहन नैना को जन्मदिन पर म्यूचुअल फंड उपहार में देना चाहता है। वह किसी पीपीआई जारीकर्ता से भौतिक या ऑनलाइन रूप में गिफ्ट कार्ड खरीद सकता है। इसका भुगतान केवल बैंक से इलेक्ट्रॉनिक बैंक ट्रांसफर या यूपीआई के माध्यम से ही करना होगा। क्रेडिट कार्ड का उपयोग मना होगा। गिफ्ट कार्ड की वैधता अवधि एक वर्ष होगी। अब नैना को म्यूचुअल फंड की वेबसाइट पर जाना होगा और म्यूचुअल फंड यूनिट्स खरीदकर इस गिफ्ट कार्ड को भुनाना होगा। नैना अपनी पंसद के अनुसार कोई भी योजना चुन सकती है। नैना का यह ट्रांजैक्शन डायरेक्ट प्लान के तहत प्रोसेस किया जाएगा। अगर नैना को म्यूचुअल फंड के बारे में जानकारी नहीं है, तो वह म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर की सेवाएं ले सकती है। ऐसी स्थिति में, निवेश को रेगुलर प्लान के तहत माना जाएगा। नया निवेश करने वालों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए इसे दो चरणों में बांटा गया है: पहला चरण: उपहार खरीदने वाले के लिए 1. आप किसी भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी से अधिकतम दस हजार रुपये तक का गिफ्ट कार्ड खरीद सकते हैं। 2.आप कार्ड खरीदते समय यह सुझाव भी दे सकते हैं कि पैसा किस योजना में लगाया जाए, हालांकि यह मानना या न मानना उपहार पाने वाले पर निर्भर करेगा। दूसरा चरण: उपहार पाने वाले के लिए 1. जिसे उपहार मिला है, उसे अपना KYC पूरा करना होगा। 2.इसके बाद वह कार्ड में दर्ज राशि को निवेश के लिए जमा करेगा। 3.कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि कार्ड पर लिखा नाम और निवेश करने वाले का नाम एक ही हो। गिफ्ट कार्ड के मुख्य नियम अधिकतम राशि : प्रत्येक गिफ्ट कार्ड के लिए दस हजार रुपये दोबारा पैसा डालना : संभव नहीं, यह केवल एक बार के उपयोग के लिए है उपयोग की शर्त : पूरी राशि का निवेश एक ही बार में करना अनिवार्य वैधता की अवधि : जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक उपयोग न होने पर : पैसा वापस खरीदने वाले के बैंक खाते में चला जाएगा जारी करने का शुल्क : कंपनी वहन करेगी, ग्राहक को कोई अतिरिक्त भार नहीं देना होगा किसे कितना टैक्स देना होगा रिश्तेदारों से मिला उपहार: यदि पति-पत्नी, माता-पिता, भाई-बहन या बच्चों से गिफ्ट कार्ड मिलता है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, चाहे राशि कितनी भी हो। गैर-रिश्तेदारों (मित्रों) से मिला उपहार: यदि पूरे साल में कुल मिलाकर 50 हजार रुपये तक के उपहार मिलते हैं, तो वह टैक्स-फ्री है। यदि यह सीमा पार होती है, तो पूरी राशि आपकी आय में जोड़ दी जाएगी और आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा। मुनाफे पर टैक्स: जब आप निवेश बेचेंगे, तो होने वाले लाभ पर पूंजीगत लाभ कर के सामान्य नियम लागू होंगे। ये भी पढ़ें:मई से लागू हो सकता है भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, कार-व्हिस्की पर आयात शुल्क घटेगा उपहार की माथा- पच्ची होगी खत्म अक्सर लोग यह तय नहीं कर पाते कि क्या उपहार दें। कई बार इसको लेकर भी असमंजस रहता है कि उपहार उपयोगी होगा या नहीं। ऐसी स्थिति में, म्यूचुअल फंड उपहार में देना एक बेहतरीन विकल्प है। इसके जरिये आप अपने किसी खास के वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं। युवाओं के लिए: अपने छोटे भाई-बहनों को पॉकेट मनी देने के बजाय ये कार्ड दें। इससे उन्हें कम उम्र में ही धन प्रबंधन की सीख मिलेगी। शादियों के लिए: भारी-भरकम उपहारों के बजाय भविष्य की सुरक्षा दें।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 13, 2026, 02:16 IST
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