जनगणना: जंगलों से जहाजों तक होगी गिनती, बेघर आबादी की रात में गणना; दुर्गम इलाकों तक भी पहुंचेंगे कर्मी
जनगणना में इस बार जंगलों, खनन क्षेत्र, तेल रिफाइनरी, निर्जन इलाकों से लेकर नावों व जहाजों तक पर नजर रहेगी। बेघर लोगों की गिनती रात में होगी। मोर्चे पर तैनात सेना व अर्धसैनिकों बलों की गिनती के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। जनगणना के दूसरे चरण के लिए विशेष तैयारियों के निर्देश महापंजीयक व जनगणना आयुक्त कार्यालय ने दिए हैं। पिछली जनगणना में जिन गांवों और इलाकों को निर्जन दर्ज किया गया था, वहां भी दोबारा पड़ताल होगी। संभव है कि वहां अब लोग रहने लगे हों। ऐसे में जनगणना कर्मियों को पुरानी सूचनाओं पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर जाकर स्थिति की पुष्टि करनी होगी। समुद्र में मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर और नावों पर रहने वाले मछुआरों के साथ समुद्री जहाजों पर मौजूद लोगों की गणना के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। बंदरगाह अधिकारियों से जानकारी जुटाई जाएगी कि जनगणना के दौरान कितने मछुआरे अपने सामान्य निवास स्थान से दूर समुद्र में होंगे। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सेना, नौसेना, वायुसेना तथा विभिन्न अर्धसैनिक प्रतिष्ठानों के अधिकारियों से संपर्क कर जरूरी विवरण जुटाने को कहा गया है। केंद्र सरकार के अर्धसैनिक बलों के अतिरिक्त राज्यों के अपने विशेष पुलिस बलों की भी गणना होनी है। घुमंतू समुदायों के आने जाने वाले मार्गों की होगी पहचान जनगणना अधिकारियों से कहा गया है कि कई बार शहरों और कस्बों की बाहरी सीमाएं स्पष्ट नहीं होतीं। किसी क्षेत्र से मकान हट गए हों या ध्वस्त हो गए हों। वहां ध्यान रखने जरूरत है। घुमंतू समुदायों के आवागमन के मार्गों की पहचान होगी। कई शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों में कर्मचारी या अन्य लोग रात के समय रहते हैं, लेकिन सामान्य गणना के दौरान वे नजरअंदाज हो सकते हैं। इसलिए ऐसे स्थानों पर रात में निरीक्षण जरूरी है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 22, 2026, 05:24 IST
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