जम्मू: सांबा के तलोट गांव में पहली बार डोगरी में रामलीला, अपनी मातृभाषा में संवाद सुनने उमड़ रहे लोग
सांबा जिले के मुंब ब्लॉक के तलोट गांव में पहली बार डोगरी भाषा में रामलीला का मंचन किया जा रहा है, जिसे देखने और संवाद सुनने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंच रहे हैं। डोगरी लेखक बिछन सिंह दर्दी ने चार साल की मेहनत से 400 पन्नों की रामलीला पुस्तक तैयार की है, जिसका उद्देश्य डोगरी भाषा का संरक्षण करना और युवा पीढ़ी को मातृभाषा से जोड़ना है।
जम्मू: सांबा के तलोट गांव में पहली बार डोगरी में रामलीला, अपनी मातृभाषा में संवाद सुनने उमड़ रहे लोग #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 16, 2026, 11:29 IST
जम्मू: सांबा के तलोट गांव में पहली बार डोगरी में रामलीला, अपनी मातृभाषा में संवाद सुनने उमड़ रहे लोग #VaranasiLiveNews
