Karnal News: रजिस्ट्रेशन से जांच तक, दोहरी दौड़ लगा रहे मरीज
करनाल। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में बुनियादी जांच सेवाएं पिछले दो माह से ठप हैं। सीबीसी, केएफटी और एलएफटी सहित कई जरूरी रक्त जांचें बंद पड़ी हैं जिसके कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज से जिला नागरिक अस्पताल तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। रोजाना 100 से अधिक मरीज जांच कराने के लिए सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं जिससे वहां भी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मरीजों की सबसे बड़ी परेशानी प्रक्रिया की जटिलता है। पहले उन्हें मेडिकल कॉलेज में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है फिर डॉक्टर की सलाह के बाद जांच के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया जाता है। यहां पहुंचने के बाद मरीजों को फिर से ओपीडी की लाइन में लगकर डॉक्टर को दिखाना पड़ता है और उसके बाद ही जांच की प्रक्रिया शुरू होती है। इस दोहरी व्यवस्था ने मरीजों का समय और ऊर्जा दोनों पर भारी असर डाला है।जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में वित्तीय क्षमता (पर्चेजिंग पावर) कम होने के कारण आवश्यक सामग्री और संसाधनों की खरीद नहीं हो पाई जिससे लैब सेवाएं प्रभावित हो गईं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन सिविल अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है।---सिविल अस्पताल पर बढ़ा अतिरिक्त दबावमेडिकल कॉलेज से रोजाना 100 से अधिक मरीज जांच के लिए सिविल अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे वहां पहले से चल रही सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। लंबी कतारों के कारण स्थानीय मरीजों को भी जांच और उपचार में देरी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है। ---दवाओं की किल्लत, बाहर से खरीदने की सलाहस्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। सहारनपुर से आए मरीज बृजेश का आरोप है कि अस्पताल में सामान्य गैस और अन्य मामूली दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। केमिस्ट मरीजों को ये दवाएं बाहर से खरीदने की सलाह दे रहे हैं जिससे हम पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि कई बार अस्पताल दिखाने आ चुके हैं, हर बार एक नई दवाई दी जाती है और वो अस्पताल में उपलब्द नहीं होती। बाहर से ही खरीदनी होती है। ---अल्ट्रासाउंड भी बाहर से कराने की मजबूरीजांच सेवाओं की कमी का असर अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं पर भी पड़ रहा है। अशोक नगर से आई वीना भाटिया ने कहा कि उनको अल्ट्रासाउंड के लिए निजी केंद्रों की ओर भेजा जा रहा है। इससे न केवल इलाज महंगा हो रहा है बल्कि समय भी अधिक लग रहा है। साथ ही दवाओं के लिए भी बाहर से ही खरीदने के लिए कहा है। ---आने वाले महीने में होगी स्थिति सामान्य मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एम.के. गर्ग ने माना कि पर्चेजिंग पावर कम होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। हालांकि उन्होंने बताया कि अब पर्चेजिंग पावर को रिवाइज कर दिया गया है और उम्मीद है कि अगले महीने तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।----
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- Source: www.amarujala.com
- Published: May 08, 2026, 02:16 IST
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